देश की खबरें | वैश्विक वित्तीय संरचना को उभरते बाजारों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की जरूरत: कांत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा कि वैश्विक वित्तीय संरचना को भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे उभरते देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से तैयार करने की जरूरत है, क्योंकि वे वैश्विक विकास के वाहक हैं।

नयी दिल्ली, 29 जुलाई भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा कि वैश्विक वित्तीय संरचना को भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे उभरते देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से तैयार करने की जरूरत है, क्योंकि वे वैश्विक विकास के वाहक हैं।

कांत ने कहा कि संसाधनों के प्रवाह को विकास की दृष्टि से उभरते देशों की ओर निर्देशित किया जाना चाहिए, क्योंकि वैश्विक विकास में 80 प्रतिशत का योगदान इन अर्थव्यवस्थाओं द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2008 में जब जी-20 का गठन हुआ था, तब वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विकसित देशों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत थी, जबकि विकासशील देशों का योगदान 22 प्रतिशत था।

कांत ने कहा कि मौजूदा समय में विकसित अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी घटकर 48 प्रतिशत हो गई है, जबकि विकासशील देशों की हिस्सेदारी बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि इसलिए इस बात के संकेत मिलते हैं कि भविष्य में वैश्विक विकास उभरते देशों के बाजारों से होने वाला है।

उन्होंने यह भी कहा, "इसके लिए वित्तपोषण की आवश्यकता होगी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे को पर्याप्त रूप से समायोजित करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकसित दुनिया से उभरते बाजारों में संसाधनों का प्रवाह हो, न कि इसके उलट, जैसा कि अभी हो रहा है।’’

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि धन की कोई कमी नहीं है, केवल डेटा और परियोजना तैयार करने की जरूरत है।

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