देश की खबरें | जीआईटीएएम ने वैज्ञानिक हरिनारायण, तेलुगु अभिनेत्री वनिश्री को पीएचडी की मानद उपाधि दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गांधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (जीआईटीएएम) के विशाखापट्टनम परिसर में 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान वैज्ञानिक कोटा हरिनारायण और तेलुगु अभिनेत्री वनिश्री को पीएचडी की मानद उपाधि से नवाजा गया।

विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), 10 जून गांधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (जीआईटीएएम) के विशाखापट्टनम परिसर में 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान वैज्ञानिक कोटा हरिनारायण और तेलुगु अभिनेत्री वनिश्री को पीएचडी की मानद उपाधि से नवाजा गया।

भारत के पहले स्वदेश विकसित हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ का श्रेय वैज्ञानिक हरिनारायण को जाता है।

वर्ष 1943 में जन्मे हरिनारायण को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ जबकि वर्ष 1948 में जन्मी वनिश्री को ‘डॉक्टर ऑफ लेटरस’ (डीलिट) की मानद उपाधि से नवाजा गया।

ऋषिकोंडा में स्थित जीआईटीएएम ने 1980 में एक छोटे से इंजीनियरिंग संस्थान के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके बेंगलुरु और हैदराबाद में दो और कैंपस हैं, जबकि सबसे पुराना कैंपस विशाखापट्टनम में है।

दीक्षांत समारोह विशाखापट्टनम कैंपस के छात्रों के लिए डॉ वाई. सुब्बाराव सभागार में आयोजित किया गया।

जीआईटीएएम के एक प्रवक्ता ने कहा कि अकादमिक उत्कृष्टता के लिए 40 छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जबकि 82 ने पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

प्रवक्ता ने कहा कि कुल 2,499 छात्रों ने व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त की जबकि 298 उपस्थित नहीं हो सके।

जीआईटीएएम के प्रमुख एम. श्री भारत ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र ‘‘बड़े सपने’’ देखें, लेकिन उत्कृष्टता के रास्ते पर बढ़ने के लिए ‘‘बीच का रास्ता’’ न लें।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे अल्पावधि में किसी को लाभ हो सकता है, लेकिन दीर्घकाल में आप एक कमजोर नींव पर अपना करियर बना रहे होंगे, जिसका पतन निश्चित है।’’

कुलाधिपति वीरेंद्र सिंह चौहान ने हरिनारायण को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ‘‘उत्कृष्ट योगदान’’ के लिए पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

डिग्री प्राप्त करने के बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘अब विज्ञान और प्रौद्योगिकी को पूरी तरह नये नजरिये से देखने का समय है। इस क्षेत्र में अपार अवसर हैं।’’

वहीं, अभिनेत्री वनिश्री को कला के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान के लिए पीएचडी की डिग्री से नवाजा गया।

तेलुगु में बोलते हुए उन्होंने लोगों, विशेष रूप से युवाओं से पर्यावरण की देखभाल करने में योगदान देने के लिए महीने में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now