देश की खबरें | पंद्रह साल में प्रजनन योग्य हो जाती हैं बच्ची, शादी की उम्र 21साल करने की क्या जरूरत : कांग्रेस नेता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बुधवार को बेटियों के बारे में विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि 13 साल में बच्चियां प्रजनन के लायक हो जाती हैं, तो उनकी शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल, 13 जनवरी मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बुधवार को बेटियों के बारे में विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि 13 साल में बच्चियां प्रजनन के लायक हो जाती हैं, तो उनकी शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश में बेटियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने के लिए समाज में बहस की वकालत किये जाने पर टिप्पणी करते हुए वर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘’डॉक्टर कहते हैं कि 15 साल के बाद ही बच्ची प्रजनन के योग्य हो जाती है। ये (चौहान) बड़े डॉक्टर हो गये हैं क्या? लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है।’’

इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा नीत सरकार नाबालिग बच्चियों के साथ हो रहे बलात्कारों को रोकने में विफल है।

वर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश नाबालिगों लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले में देश में अव्वल है और मुख्यमंत्री को दिखावे की राजनीति करने की बजाय ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

वर्मा के बयान पर प्रदेश भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।

मध्य प्रदेश भाजपा की मीडिया प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा, ‘‘वर्मा ने देश की बेटियों का अपमान किया है। क्या वह भूल गये कि उनकी (कांग्रेस) अध्यक्ष (सोनिया गांधी) महिला हैं? क्या वह भूल गये कि उनकी नेता प्रियंका गांधी भी महिला हैं? मैं सोनिया गांधी से आग्रह करती हूं कि वह वर्मा के इस बयान के लिए उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाएं और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें पार्टी से बर्खास्त करें।’’

मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले यहां एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘कई बार मुझे लगता है कि समाज में बहस होनी चाहिए कि बेटियों की शादी की उम्र 18 रहनी चाहिए या इसे बढ़ाकर 21 साल कर देना चाहिये। मैं इसे बहस का विषय बनाना चाहता हूं। प्रदेश सोचे, देश सोचे ताकि इस पर कोई फैसला किया जा सके।’’

रावत

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