जरुरी जानकारी | जीआईसी री को चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ करीब दोगुना होकर 1,197 करोड़ रुपये रहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की पुनर्बीमा कंपनी जीआईसी री का शुद्ध लाभ मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में करीब दोगुना होकर 1,197.4 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से निवेश आय बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है।

मुंबई, 24 जून सार्वजनिक क्षेत्र की पुनर्बीमा कंपनी जीआईसी री का शुद्ध लाभ मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में करीब दोगुना होकर 1,197.4 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से निवेश आय बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है।

कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में कंपनी को 603.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

यह भी पढ़े | PAN-Aadhaar Linking Deadline: पैन-आधार लिंक करने की आखिरी तारीख अब 31 मार्च 2021, टैक्सपेयर्स को भी मिली राहत.

वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में कंपनी की सकल प्रीमियम आय करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 9,217.84 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8,089.35 करोड़ रुपये थी।

जीआईसी री को ‘अंडरराइटिंग’ नुकसान (प्रीमियम की तुलना में अधिक दावा राशि का भुगतान) आलोच्य तिमाही में 463.6 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले 2018-19 की चौथी तिमाही में उसे इस मद में 101.16 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।

यह भी पढ़े | ITR Filing Deadlines Extended: कोरोना संकट के बीच सीबीडीटी ने दी बड़ी राहत, आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई.

हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी को 359.09 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में उसे 2,224.31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

कंपनी की प्रीमियम आय पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में 15.35 प्रतिशत बढ़कर 51,030.13 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2018-19 में 44,238 करोड़ रुपये थी।

कंपनी की निवेश आय आलोच्य वित्त वर्ष 11.31 प्रतिशत बढ़कर 7,125.48 करोड़ रुपये रही जो 2018-19 में 6,401.34 करोड़ रुपये थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\