देश की खबरें | हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत के साथ जर्मनी के रणनीतिक संबंध अहम : जर्मन रक्षा मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने मंगलवार को अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के बाद कहा कि छह पनडुब्बियों की खरीद के लिए भारत की योजना की दौड़ में जर्मनी का उद्योग "अच्छी जगह" पर है।
नयी दिल्ली, छह जून जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने मंगलवार को अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के बाद कहा कि छह पनडुब्बियों की खरीद के लिए भारत की योजना की दौड़ में जर्मनी का उद्योग "अच्छी जगह" पर है।
दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता प्रमुख सैन्य मंचों के संयुक्त विकास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित रही।
वार्ता के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि भारतीय पक्ष ने पिस्टोरियस को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की आक्रामकता से अवगत कराया और पाकिस्तान को पश्चिमी देशों से महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियां मिलने पर संभावित जोखिमों पर नयी दिल्ली की आशंकाओं के बारे में भी बताया।
वार्ता के बाद, पिस्टोरियस ने संवाददाताओं से कहा कि नयी दिल्ली के साथ बर्लिन के रणनीतिक संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अप्रत्याशित स्थिति के संदर्भ में अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
यह टिप्पणी संबंधित क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिस्टोरियस के साथ वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जर्मनी साझा लक्ष्यों पर आधारित ‘‘अधिक जीवंत’’ रक्षा संबंध बना सकते हैं।
पिस्टोरियस ने जर्मन में मीडिया से कहा, "मुझे लगता है कि हमें भारत के साथ साझेदारी में उस क्षेत्र (हिंद-प्रशांत) में और अधिक करना काम चाहिए। क्योंकि हम उस समय के करीब आ रहे हैं, जब हम वास्तव में भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि अगले कुछ वर्षों में क्या होने वाला है।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)