देश की खबरें | बड़ी संख्या में सैन्यकर्मियों में तनाव की बात जनरल नरवणे ने नकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हाल में एक सर्वेक्षण में भारतीय सेना के आधे से ज्यादा सैनिकों के तनाव में होने के दावे को खारिज करते हुए सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने मंगलवार को हंसी-मजाक में कहा कि ‘मैं भी तनाव में हूं। तनाव बुरी चीज नहीं है।’’
नयी दिल्ली, 12 जनवरी हाल में एक सर्वेक्षण में भारतीय सेना के आधे से ज्यादा सैनिकों के तनाव में होने के दावे को खारिज करते हुए सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने मंगलवार को हंसी-मजाक में कहा कि ‘मैं भी तनाव में हूं। तनाव बुरी चीज नहीं है।’’
सेना प्रमुख ने कहा कि सैनिकों के तनाव में होने की रिपोर्ट महज 400 सैनिकों के नमूने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सैनिकों में तनाव को कम करने के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं और सैनिकों के आत्महत्या की घटनाएं भी कम हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ 400 नमूनों के आधार पर हम नहीं कह सकते हैं कि तनाव है या नहीं है। तनाव हो सकता है। मैं भी तनाव में हूं। तनाव बुरी चीज नहीं है। इसका काम पर अच्छा प्रभाव भी हो सकता है।’’
प्रमुख सैन्य थिंक टैंक यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (यूएसआई) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना के आधे से ज्यादा सैनिक गंभीर तनाव की स्थिति में मालूम होते हैं और सेना दुश्मनों की गोली के मुकाबले आत्महत्या, आपसी झगड़े और अन्य अप्रिय घटनाओं में हर साल ज्यादा सैनिकों की जान जा रही है।
यूएसआई की वेबसाइट से इस रिपोर्ट को पिछले सप्ताह हटा लिया गया है।
जनरल नरवणे ने कहा, ‘‘मैंने भी रिपोर्ट पढ़ी है। मैं बताना चाहूंगा कि रिपोर्ट के नमूनों का आकार महज 400 का था। (महज 400 लोगों पर सर्वे किया गया था) मुझे लगता है कि नमूने का आकार उचित नहीं था। अगर आप 99 प्रतिशत सही और सिर्फ एक प्रतिशत संभावना वाला परिणाम चाहते हैं तो ऐसे अध्ययन के लिए नमूने का आकार 19,000 होना चाहिए था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप 95 प्रतिशत सही परिणाम चाहते हैं तो सैम्पल का आकार घटकर 7,000-8,000 हो जाएगा।’’
सेना प्रमुख ने बताया कि सैनिकों में तनाव की समस्या को दूर करने के लिए परामर्श भेजने सहित अन्य कई कदम उठाए गए हैं।
तनाव के संभावित कारण गिनाते हुए जनरल नरवणे ने कहा, ‘‘हम उन कारकों पर ध्यान दे रहे हैं जिनसे तनाव हो सकता है। उदाहरण के लिए किसी को संतान नहीं है, किसी का विवाह नहीं हो रहा है, किसी का बच्चा 12वीं में है, उसके परीक्षा परिणाम का तनाव है, तनाव है कि बच्चे का परिणाम आएगा या नहीं, उसको दाखिला मिलेगा या नहीं ।’’
सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमने इन सभी कारकों का विश्लेषण किया है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए हम कंपनी कमांडर और कमांडिंग स्तर के अधिकारियों के संपर्क में हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)