जरुरी जानकारी | जी-20 ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है: नीति उपाध्यक्ष

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उन्होंने कहा कि इस बहुपक्षीय संस्थान की प्रासंगिकता आने वाले समय में बढ़ना तय है।

उन्होंने कहा कि इस बहुपक्षीय संस्थान की प्रासंगिकता आने वाले समय में बढ़ना तय है।

कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रभावी वैश्विक संचालन व्यवस्था और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधारों का आह्वान किया था। अब यह देखकर खुशी हो रही है कि न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और स्पेन के नेता भी इस पर जोर दे रहे हैं।

उन्होंने इक्रियर (इंडिया काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकनॉमिक रिलेशंस) के ‘ऑनलाइन’ आयोजित सालाना अंतररष्ट्रीय जी-20 सम्मेलन में कहा, ‘‘जी-20 ने अपनी प्रासंगिकता बनाये रखी है....इस बहुपक्षीय संस्थान की प्रासंगिकता आने वाले समय में बढ़ना तय है।’’

कुमार ने कहा कि भारत 2023 में जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा और यह उसके लिये बहुत महत्वपूर्ण समय है।

उन्होंने कहा, ‘‘...इसका कारण 2023 ऐसा साल होगा जब ज्यादतर अर्थव्यवस्थाएं कोविड-पूर्व स्तर से संभवत: आगे होगी और देश इस ग्रह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ हमारे और हमारे लोगों के लिये समृद्धि के लिये काम करेंगे।’’

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने हालांकि कहा कि कुछ जोखिम भी है। कुछ देश मनमाना व्यवहार कर रहे हैं और इस प्रकार के कदम से बहुपक्षीय व्यापार मॉडल कमजोर होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘....हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इन कदमों का बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।’’

जी-20 शिखर सम्मेलन अक्टूबर में इटली में होगा। भारत एक दिसंबर, 2022 से जी-20 की अध्यक्षता संभालेंगा।

जी-20 के सदस्य देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, भारत, इंडोनेशिया, इटली, मेक्सिको, रूस, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं।

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