जरुरी जानकारी | फ्यूचर ने रिलायंस से सौदे पर रोक लगाने के आदेश को उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. फ्यूचर समूह ने एकल न्यायाधीश की पीठ के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी है। एकल न्यायाधीश ने फ्यूचर समूह के रिलायंस इंडस्ट्रीज के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगा दी थी। इस सौदे के तहत फ्यूचर समूह अपना खुदरा और थोक कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेच रहा है।
नयी दिल्ली, 21 मार्च फ्यूचर समूह ने एकल न्यायाधीश की पीठ के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी है। एकल न्यायाधीश ने फ्यूचर समूह के रिलायंस इंडस्ट्रीज के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगा दी थी। इस सौदे के तहत फ्यूचर समूह अपना खुदरा और थोक कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेच रहा है।
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में किशोर बियानी के अगुवाई वाले समूह की कंपनी फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) ने यह जानकारी दी। एफआरएल ने कहा कि उसने एक न्यायाधीश जे आर मिधा की पीठ के आदेश को उसी उच्च न्यायालय की बड़ी पीठ में चुनौती दी है।
फ्यूचर रिटेल ने कहा कि कंपनी ने 18 मार्च, 2021 के आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है।
इससे पहले शुक्रवार को जारी बयान में फ्यूचर रिटेल ने कहा था कि एकल न्यायाधीश की पीठ के फैसले से राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में चल रही प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एनसीएलटी फ्यूचर समूह और रिलायंस रिटेल के बीच सौदे की व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।
एनसीएलटी ने इस बारे में अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
फ्यूचर-रिलायंस सौदे को वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने चुनौती दी थी। इस सौदे को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) तथा शेयर एक्सचेंजों की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। अब इस सौदे के लिए एनसीएलटी तथा शेयरधारकों की मंजूरी ली जानी है।
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