देश की खबरें | एफटीआईआई निदेशक फेसबुक पर सरकार विरोधी पोस्ट करने पर संकाय सदस्य के निलंबन पर पुन:विचार करें: अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान(एफटीआईआई) के अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह संस्थान के निदेशक से 2019 में फेसबुक पर सरकार विरोधी पोस्ट डालने को लेकर संकाय सदस्य के निलंबन पर पुन:विचार करें।
मुंबई, 30 मार्च बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान(एफटीआईआई) के अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह संस्थान के निदेशक से 2019 में फेसबुक पर सरकार विरोधी पोस्ट डालने को लेकर संकाय सदस्य के निलंबन पर पुन:विचार करें।
न्यायमूर्ति एसबी शुक्रे और न्यायमूर्ति जी ए सनप की पीठ ने कहा कि एफटीआईआई निदेशक द्वारा संकाय सदस्य याचिकाकर्ता इंद्राणील भट्टाचार्य के खिलाफ जारी निलंबन आदेश पहली नज़र में ‘गैर कानूनी’ लगता है।
पीठ ने निर्देश दिया कि एफटीआईआई के अध्यक्ष अदालत के प्रथम दृष्टिया नजरिए को निदेशक को बताएं और निलंबन की घटना को लेकर जांच शुरू की जाए।
पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील सुनीप सेन की इस दलील का संज्ञान लिया कि निदेशक ने जाहिर तौर पर खुद ही उन्हें निलंबित करने का फैसला किया और तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
भट्टाचार्य ने 2019 में निलंबन आदेश जारी होने के कुछ दिन बाद ही अदालत का रुख किया था और इसे रद्द करने का आग्रह किया था। उस वक्त सेन ने दलील दी थी कि उन्होंने फेसबुक पर जो पोस्ट किया है, वह एक निजी संचार है और निदेशक को अपनी आधिकारिक क्षमता के तौर पर पोस्ट देखने और उसपर आपत्ति जताने का कोई अधिकार नहीं है।
उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा, “ यह (निलंबन आदेश) पहली नज़र में अवैध लगता है और प्रतीत होता है कि निदेशक ने इसे खुद ही जारी किया है और इसके लिए अध्यक्ष की मंजूरी नहीं ली गई है न ही तय प्रक्रिया का पालन किया गया है।”
पीठ ने कहा, “ आप (एफटीआईआई के अध्यक्ष के वकील) निदेशक को बताएं कि अदालत ने उनसे निलंबन आदेश पर पुन:विचार करने को कहा है। उनसे इसे रद्द करने पर विचार करने को कहें। और आप (अध्यक्ष) इस बात की जांच शुरू करें कि निदेशक कैसे ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं। हमें अपनी रिपोर्ट दें।”
अदालत तीन हफ्ते बाद मामले पर आगे की सुनवाई करेगी।
नोमान अनूप
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