जरुरी जानकारी | वित्तीय स्थिरता को बाहरी चुनौतियों पर एफएसडीसी उप-समिति सजग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति ने सोमवार को वित्तीय प्रणाली और व्यापक अर्थव्यवस्था में किसी भी तरह की कमजोरी पैदा होने को लेकर सजग बने रहने की प्रतिबद्धता जताई।

मुंबई, 28 अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति ने सोमवार को वित्तीय प्रणाली और व्यापक अर्थव्यवस्था में किसी भी तरह की कमजोरी पैदा होने को लेकर सजग बने रहने की प्रतिबद्धता जताई।

सरकार ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और नियामकों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए दिसंबर, 2010 में एफएसडीसी का गठन किया था।

एफएसडीसी की उप-समिति की कमान आरबीआई गवर्नर के पास होती है। उप-समिति की एफएसडीसी की तुलना में कहीं अधिक बैठकें होती हैं।

आरबीआई ने बयान में कहा कि उप-समिति की 30वीं बैठक में मौजूदा वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के बीच वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने और इसकी राह में किसी भी तरह की समस्या पैदा होने को लेकर सजग बने रहने पर जोर दिया गया।

इस बैठक में विभिन्न तकनीकी समूहों के कामकाज की समीक्षा और वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के बीच समन्वय बनाने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यस्तरीय समन्वय समितियों के कामकाज की भी समीक्षा की गई।

बैठक में वित्त सचिव टी वी सोमनाथन, वित्तीय सेवाओं के सचिव विवेक जोशी, राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव मनोज गोविल भी मौजूद थे।

इनके अलावा बाजार नियामक सेबी की प्रमुख माधवी पुरी बुच, बीमा नियामक इरडा के चेयरमैन देवाशीष पांडा, पेंशन कोष निकाय पीएफआरडीए के प्रमुख दीपक मोहंती और दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड के चेयरमैन रवि मित्तल भी इस बैठक में शामिल हुए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\