विदेश की खबरें | फ्रांसीसी प्रधानमंत्री पेंशन में बदलाव का करेंगी खुलासा, कई कर्मचारी परेशान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इस तरह के किसी कदम की पहले ही आलोचना हो रही है और सरकार द्वारा इसका प्रस्ताव करने के बाद वामपंथी विरोधियों और कामगार संघों ने प्रदर्शन का आह्वान किया है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस तरह के किसी कदम की पहले ही आलोचना हो रही है और सरकार द्वारा इसका प्रस्ताव करने के बाद वामपंथी विरोधियों और कामगार संघों ने प्रदर्शन का आह्वान किया है।

पूर्ण पेंशन के लिए सेवानिवृत्ति की न्यूनतम उम्र 62 साल से बढ़ाकर 64 या 65 साल करने की उम्मीद है जिसका वादा राष्ट्रपति एमैन्युअल मैक्रों ने किया था। पेंशन नीति में बदलाव संबंधी विस्तृत जानकारी बोर्नी द्वारा संवाददाता सम्मेलन में दी जाएगी।

सरकार का तर्क है कि फ्रांसीसी लोगों की जीवन प्रत्याशा पहले से अधिक हो गई है इसलिए उन्हें वित्तीय रूप से टिकाऊ पेंशन प्रणाली में शामिल होने के लिए अधिक समय तक काम करने की जरूरत है। सभी फ्रांसीसी कामगारों को सरकार की ओर से पेंशन दी जाती है।

मध्य वामपंथी और धुर वामपंथी कामगार संगठनों ने पिछले सप्ताह बोर्नी से हुई बातचीत में प्रस्तावित पेंशन आयुसीमा बदलाव का विरोध किया था। इनमें से कुछ इसके बदले नियोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले अंशदान में वृद्धि के पक्षधर हैं।

देश के प्रमुख आठ कामगार संघों ने मंगलवार को पेंशन आयुसीमा में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई है जो उनके विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला का पहला दिन होगा। संसद में भी इस मुद्दे पर गर्मागर्म बहस होने की उम्मीद है।

मैक्रों का गठबंधन पिछले साल संसद में अपना बहुमत खो चुका है और अधिकतर विपक्षी पार्टियां पेंशन नीति में बदलाव के खिलाफ हैं।

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