विदेश की खबरें | नैनो सैटेलाइट के प्रक्षेपण के लिए ‘स्काईरूट’ से चर्चा कर रही फ्रांसीसी कंपनी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फ्रांस की कंपनी प्रोमेथी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय स्टार्ट-अप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा बनाए जा रहे विक्रम सीरीज के प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल करके पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में नैनो सेटेलाइट स्थापित करने की संभावना तलाश रही है।
पेरिस, 14 जुलाई फ्रांस की कंपनी प्रोमेथी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय स्टार्ट-अप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा बनाए जा रहे विक्रम सीरीज के प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल करके पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में नैनो सेटेलाइट स्थापित करने की संभावना तलाश रही है।
‘स्काईरूट’ के सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फ्रांस की आधिकारिक यात्रा के मौके पर ‘प्रोमेथी’ के अध्यक्ष ओलिवियर पिएप्स्ज के साथ चर्चा की।
दोनों कंपनियों के एक बयान में कहा गया है कि चंदना और पिएप्स्ज ने ‘जेपेटस अर्थ ऑब्जर्वेशन कॉन्स्टलेशन’ की परिनियोजन प्रक्रिया में स्काईरूट के विक्रम यान के संघटन का अध्ययन करने का निर्णय लिया है।
जनवरी 2020 में पिएप्स्ज और जियाओ-मिन्ह गुयेन द्वारा स्थापित ‘प्रोमेथी’ अंतरिक्ष, डिजिटल और सेवाओं के क्षेत्र में मान्यता प्राप्त विशेषज्ञों की एक कंपनी है।
पिछले साल नवंबर में, हैदराबाद में स्थित ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने अपनी स्थापना के चार साल के अंदर भारत में पहले निजी अंतरिक्ष रॉकेट विक्रम-एस के सफल प्रक्षेपण के साथ अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के युवा पूर्व वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा स्थापित कंपनी अब छोटे उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने के लिए विक्रम सीरीज के रॉकेट के तीन संस्करण तैयार कर रही है। इनमें विक्रम-1 480 किलोग्राम, विक्रम-2 को 595 किलोग्राम जबकि विक्रम-3 815 किलोग्राम वजन पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाने में सक्षम होगा।
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