अप्रैल में प्रमुख बंदरगाहों से माल ढुलाई 21 प्रतिशत कम होकर 474 लाख टन
आईपीए के हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख बंदरगाहों के कार्गो में कमी आने का मुख्य कारण कोरोना वायरस महामारी है। इसके कारण जेएनपीटी, चेन्नई, कोच्चि और कामराज जैसे बंदरगाहों से माल ढुलाई में भारी गिरावट आयी है।
नयी दिल्ली, 24 मई देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों के जरिये माल वहन इस साल अप्रैल में साल भर पहले की तुलना में 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 474.2 लाख टन रहा। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) ने इसकी जानकारी दी है।
आईपीए के हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख बंदरगाहों के कार्गो में कमी आने का मुख्य कारण कोरोना वायरस महामारी है। इसके कारण जेएनपीटी, चेन्नई, कोच्चि और कामराज जैसे बंदरगाहों से माल ढुलाई में भारी गिरावट आयी है।
केंद्र सरकार के नियंत्रण में भारत के 12 प्रमुख बंदरगाह हैं - दीनदयाल (तत्कालीन कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, मोरमुगांव, न्यू मंगलौर, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पहले एन्नोर), वी ओ चिदंबरनार, विशाखापत्तनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित)। पिछले वित्त वर्ष के दौरान इन 12 प्रमुख बंदरगाहों का सम्मिलित माल 7,050 लाख टन रहा था।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल माह के दौरान इन 12 प्रमुख बंदरगाहों ने 474.2 लाख टन माल संभाला। यह साल भर पहले के समान माह की तुलना में 21.08 प्रतिशत कम है।
इस दौरान चेन्नई से माल ढुलाई 38.17 प्रतिशत गिरकर 24.4 लाख टन, जेएनपीटी 33.97 प्रतिशत कम होकर 39.5 लाख टन, कोच्चि 33.73 प्रतिशत गिरकर 18.7 लाख टन और कामराजार बंदरगाह से आने जाने वाली माल की खेप 30.03 प्रतिशत गिरकर 20.8 लाख टन रही।
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