देश की खबरें | पूर्व न्यायाधीश जयंत नाथ डीईआरसी के अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किए गए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के प्रमुख की नियुक्ति को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में जारी खींचतान के बीच उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जयंत नाथ को आयोग का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया।
नयी दिल्ली, चार अगस्त दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के प्रमुख की नियुक्ति को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में जारी खींचतान के बीच उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जयंत नाथ को आयोग का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल तथा मुख्यमंत्री, न्यायमूर्ति नाथ के साथ मशविरा करके उनका मानदेय तय करेंगे।
पीठ ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल की ओर से पेश वकीलों की उन दलीलों का संज्ञान लिया कि दोनों पक्षों ने डीईआरसी के अध्यक्ष पद के लिए किसी पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त करने का आग्रह किया है।
पीठ ने कहा, ‘‘तदनुसार, हम दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जयंत नाथ से आग्रह करते हैं कि वह डीईआरसी के अध्यक्ष पद के दायित्वों का निर्वहन करें।’’
दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पीठ से कहा कि यह उचित होगा कि शीर्ष अदालत इस पद के लिए दोनों पक्षों की ओर से बताये गये नामों का खुलासा न करे और किसी को भी नियुक्त कर दे।
सिंघवी ने कहा, ‘‘न्यायाधीश महोदय जिसे भी पसंद करते हैं उन्हें नियुक्त कर दिया जाए।’’ इस पर उपराज्यपाल के वकील ने भी सहमति जताई।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘चूंकि यह अंतरिम नियुक्ति है इसलिए (न्यायमूर्ति नाथ का) मानदेय उपराज्यपाल से मशविरा करके निर्धारित किया जाना चाहिए।’’
शीर्ष अदालत ने 20 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि वह तदर्थ आधार पर संक्षिप्त समय के लिए डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी, जब तक कि ऐसी नियुक्ति करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता।
न्यायालय ने इस बात पर क्षोभ जताया था कि ''अध्यक्षविहीन'' संस्था की किसी को परवाह नहीं है।
डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना के बीच गतिरोध बने रहने के बीच, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह कुछ होमवर्क करेगी और किसी को संक्षिप्त अवधि के लिए इस पद पर नियुक्त करेगी।
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