विदेश की खबरें | इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को मिलान में राजकीय सम्मान दिया गया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

डुओमो कैथेड्रल के बाहर बर्लुस्कोनी के चहेते फुटबॉल क्लब ‘एसी मिलान’ के प्रशंसकों समेत हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। जब गुलाब के फूलों से लिपटे बुर्लस्कोनी के ताबूत को गाड़ी से उठाकर कैथेड्रल के अंदर ले जाया गया तब वहां जमा लोगों ने तालियां बजाकर अपनी भावनाओं का इजहार किया।

कैथेड्रल के अंदर राष्ट्रपति और तीन पूर्व प्रधानमंत्री समेत देश के कारोबारी और राजनीतिक जगत की जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं।

इटली के अधिकतर लोग बर्लुस्कोनी को दिग्गज मीडिया कारोबारी , फटबॉल उद्यमी और तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर जानते हैं। वह हाल के दशकों में इटली की सबसे प्रभावशील शख्सियत रहे हैं। मगर लोग इस बात पर बुरी तरह से बंटे हुए हैं कि उनका प्रभाव बेहतर था या खराब। लोग इस बात को लेकर भी बंटे हुए हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इस तरह के सम्मान के हकदार हैं या नहीं।

बर्लुस्कोनी (86) का सोमवार को मिलान के एक अस्पताल में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री रक्त कैंसर से पीड़ित थे। उनके परिवार ने मंगलवार को मिलान के पास बर्लुस्कोनी के बंगले में एक निजी शोक सभा का आयोजन किया था। मिलान वही शहर है जहां राजनीति में प्रवेश से पहले उन्होंने मीडिया कारोबारी के तौर पर दौलत अर्जित की।

मिलान आर्कबिशप मारियो डेलपिनी ने अपने संबोधन में बर्लुस्कोनी की जटिल विरासत पर कोई प्रकाश नहीं डालते हुए कहा कि वह एक ऐसे व्यवसायी थे जिन्होंने सफलता और असफलता पाई, एक ऐसे राजनीतिक नेता थे जो जीते और हारे और एक ऐसे शख्स थे जिनके प्रशंसक और निंदक थे।

आर्कबिशप ने कहा, “लेकिन विदाई और प्रार्थना के इस क्षण में हम सिल्वियो बर्लुस्कोनी के बारे में क्या कह सकते हैं? वह एक ऐसे शख्स थे जिनमें जीवन के प्रति अभिलाषा, प्रेम की अभिलाषा, खुशी की अभिलाषा। डेलपिनी ने कहा "वह अब ईश्वर से मिलेंगे।”

बर्लुस्कोनी के अंतिम संस्कार में हंगरी के राष्ट्रपति विक्टर ओर्बन और कतर के शासक अमीर, शेख तमीम बिन हम्माद अल सानी समेत अन्य विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। अंतिम संस्कार में इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मट्टरेल्ला और पूर्व प्रधानमंत्री माटेओ रेन्ज़ी, पाओलो जेंटिलोनी और मारियो ड्रैगी के साथ- साथ अन्य राजनीति नेता भी मौजूद थे।

मौजूदा प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी उनके अंतिम संस्कार में शिरकत की।

वहीं बर्लुस्कोनी की विरासत को लेकर देशवासियों में तीखी बहस हो रही है, भले ही वह सकारात्मक या नकारात्मक हो।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बर्लुस्कोनी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराए जाने और एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित करने के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।

बर्लुस्कोनी के लंबे वक्त से आलोचक रहे पत्रकार मार्को ट्रावगलियो ने कहा कि बर्लुस्कोनी ने इटली को विभाजित किया और उन्होंने 30 साल तक विरोधियों को अपमानित किया तथा कानून को नहीं माना।

बर्लुस्कोनी रंगीन मिजाज पार्टियों और भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोपों के बावजूद सबसे लंबे समय तक इटली के प्रधानमंत्री रहे।

वहीं, आलोचकों के लिए वह एक लोकलुभावनवादी थे, जिन्होंने खुद को और अपने व्यवसायों को समृद्ध करने के लिए एक उपकरण के रूप में राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमजोर करने की स्थिति बनाई।

बर्लुस्कोनी का जन्म 29 सितंबर 1936 को मिलान में एक मध्यमवर्गीय बैंकर पिता के यहां हुआ था। उन्होंने कानून की डिग्री हासिल की। उन्होंने 25 साल की उम्र में एक निर्माण कंपनी शुरू की और मिलान के बाहरी इलाके में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए कई अपार्टमेंट का निर्माण कराया।

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