देश की खबरें | दंगे भड़काने के लिए आप के पूर्व पार्षद को ‘संदिग्ध कंपनियों’ से मिला था पैसा: ईडी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को ‘‘संदिग्ध कंपनियों’’ और हवाला ऑपरेटरों से नकद पैसा मिला था जिसका इस्तेमाल फरवरी में दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शन और दंगे भड़काने के लिए किया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को ‘‘संदिग्ध कंपनियों’’ और हवाला ऑपरेटरों से नकद पैसा मिला था जिसका इस्तेमाल फरवरी में दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शन और दंगे भड़काने के लिए किया गया।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने हुसैन को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था और एक स्थानीय अदालत ने गत 28 अगस्त को उसे छह दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था।

यह भी पढ़े | पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जताया दुःख: 31 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

एजेंसी सोमवार को उसे पूछताछ के लिए तिहाड़ जेल से अपने कार्यालय लाई।

ईडी ने कहा कि हुसैन को धनशोधन और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शन तथा फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे कराने के लिए धन प्रदान करने में भूमिका की जांच के लिए धनशोधन रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़े | Pranab Mukherjee Passes Away: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 साल की उम्र में निधन, बेटे अभिजीत ने दी जानकारी.

जांच एजेंसी ने दंगों की जांच से जुड़ी दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों का अध्ययन करने के बाद हुसैन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘जांच में खुलासा हुआ कि ताहिर हुसैन और उसके रिश्तेदारों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों ने बड़ी मात्रा में धन संदिग्ध कंपनियों तथा हवाला ऑपरेटरों को हस्तांतरित किया जिन्होंने इसे नकद के रूप में लौटा दिया।’’

इसने कहा, ‘‘हवाला ऑपरेटरों से हुसैन को मिले धन का इस्तेमाल दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शन और दंगे भड़काने के लिए किया गया।’’

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि ताहिर हुसैन और उसकी कंपनियां विगत में भी अवैध धनशोधन में शामिल रही हैं।

इसने गत 23 जून को हुसैन और उसके रिश्तेदारों के दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित परिसरों पर छापेमारी की थी।

ईडी ने कहा, ‘‘छापों के दौरान फर्जी लेनदेन के कागजों सहित अन्य दस्तावेजी साक्ष्य मिले थे जिनका इस्तेमाल फर्जी तरीके से धन के हस्तांतरण में किया गया।’’

हुसैन को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के मामले में पहले दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और लगभग 200 अन्य घायल हुए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\