विदेश की खबरें | रूसी आक्रमण के बाद पहली बार यूक्रेन के ओडेसा से अनाज लेकर निकला एक पोत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मालवाहक जहाज ‘रजोनी’ पर सिएरा लियोन (पश्चिमी अफ्रीकी देश) का झंडा लगा हुआ था। यह जहाज 26,000 टन से अधिक मक्का लेकर ओडेसा के बंदरगाह से लेबनान के सफर पर निकला।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मालवाहक जहाज ‘रजोनी’ पर सिएरा लियोन (पश्चिमी अफ्रीकी देश) का झंडा लगा हुआ था। यह जहाज 26,000 टन से अधिक मक्का लेकर ओडेसा के बंदरगाह से लेबनान के सफर पर निकला।

यूक्रेन के बुनियादी ढांचा मंत्री ओलेक्सांद्र कुब्राकोव ने ट्वीट किया, “रूसी आक्रमण के बाद पहली बार एक जहाज अनाज लेकर बंदरगाह से रवाना हुआ।”

कुब्राकोव ने फेसबुक पर एक अलग पोस्ट साझा करते हुए बताया, “आज यूक्रेन अपने साझेदारों के साथ दुनिया को भुखमरी से बचाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इससे यूक्रेन को भी मदद मिलेगी।”

रूस और यूक्रेन में 22 जुलाई को इस्तांबुल में तुर्की और संयुक्त राष्ट्र के साथ कुछ समझौतों पर दस्तखत किए थे, जिससे कीव के लिए रूसी आक्रमण के बाद काला सागर के बंदरगाहों पर पिछले पांच महीनों से फंसे 2.2 करोड़ टन अनाज व अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात करने का रास्ता साफ हो गया था। ये समझौते रूस को भी अनाज और खाद का निर्यात करने की अनुमति देते हैं। इन समझौतों के तहत यूक्रेन के बंदरगाहों के बाहर मौजूद जल मार्गों पर सुरक्षित गलियारे स्थापित किए गए हैं।

यूक्रेन और रूस वैश्विक स्तर पर गेहूं, जौ, मक्का और सूरजमुखी के तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल हैं। वहीं, काला सागर क्षेत्र की बेहद उपजाऊ भूमि को यूरोप का अनाज का कटोरा कहा जाता है। युद्ध के कारण अनाज आपूर्ति रुकने से वैश्विक स्तर पर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कई विकासशील देशों में भुखमरी और राजनीतिक अस्थिरता का खतरा मंडराने लगा है।

मॉस्को में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जहाज की रवानगी को ‘बेहद सकारात्मक’ कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे उन उपायों का प्रभाव आंकने में मदद मिलेगी, जिन पर इस्तांबुल में हुई वार्ता के दौरान सहमति बनी थी।

‘रजोनी’ के मंगलवार दोपहर इस्तांबुल पहुंचने की संभावना है, जहां रूस, यूक्रेन, तुर्की और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की एक टीम जांच के लिए जहाज पर सवार होगी। इसके बाद उसे लेबनान रवाना कर दिया जाएगा।

तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू को दिए साक्षात्कार में चेताया कि वैश्विक खाद्य संकट अफ्रीका से यूरोप और तुर्की में बड़े पैमाने पर पलायन के गंभीर खतरे को जन्म देता है।

‘रजोनी’ को लेबनान में मक्का की आपूर्ति करनी है, जो गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। 2020 में बेरूत में लेबनान के मुख्य बंदरगाह पर हुए भीषण विस्फोट से उसकी राजधानी हिल गई थी और बड़े पैमाने पर अनाज की खेप नष्ट हो गई थी।

लेबनान मुख्य रूप से यूक्रेन से गेहूं का आयात करता है। हालांकि, वह खाद्य तेल के उत्पादन और पशुओं के चारे के लिए उससे बड़े पैमाने पर मक्का भी खरीदता है।

इस बीच, तुर्की ने कहा कि सुरक्षित गलियारों से अन्य जहाज भी अनाज लेकर यूक्रेन के बंदरगाहों से निकलेंगे। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि ओडेसा में अनाज से लदे 16 और पोत अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ये पोत 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से ही वहां पर फंसे हुए हैं।

हालांकि, कुछ जहाज कंपनियां अभी भी काला सागर क्षेत्र में अनाज के निर्यात से बच रही हैं। उनका कहना है कि काला सागर क्षेत्र में खदानों से निकला पानी मौजूद है और बंदरगाहों व अनाज के गोदामों पर रूसी हमलों का जोखिम भी बरकरार है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जताई कि अनाज आपूर्ति ‘वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए, खासकर सबसे नाजुक मानवीय संदर्भों में बहुत आवश्यक स्थिरता और राहत लेकर आएगी।’

वहीं, कुबराकोव ने दावा किया कि आपूर्ति युद्ध से प्रभावित यूक्रेनी अर्थव्यवस्था के लिए भी मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा, “बंदरगाहों को खोलने से यूक्रेनी अर्थव्यवस्था को कम से कम एक अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा राजस्व मिलेगा और कृषि क्षेत्र को अगले साल के लिए योजना बनाने का मौका हासिल होगा।”

उधर, यूक्रेनी नागरिकों ने भी जहाज की रवानगी पर खुशी जताई।

ओडेसा निवासी ओलेना वितालिएना ने कहा, “आखिरकार जीवन आगे बढ़ रहा है और कुछ सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। बंदरगाह का संचालन जारी रहना चाहिए, क्योंकि ओडेसा एक बंदरगाह शहर है। हम यहां रहते हैं। हम चाहते हैं कि यहां हर चीज सक्रिय रहे, हमारे लिए कुछ भी न रुके।”

यूक्रेन से अनाज आपूर्ति की बहाली के बीच देश में भीषण लड़ाई जारी है। रूसी बलों ने जहां देश के पूर्वी हिस्से पर हमले तेज कर दिए हैं, वहीं यूक्रनी सेना रूस के कब्जे वाले अपने दक्षिणी भाग को दोबारा हासिल करने की जद्दोजहद में जुटी है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि दोनेत्स्क क्षेत्र में रूसी गोलाबारी में बीते चौबीस घंटे में कम से कम तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 16 अन्य घायल हो गए हैं। वहीं, खार्कीव में भी रूसी हवाई हमले में दो लोगों के गंभीर रूप से जख्मी होने की खबर है। जबकि, क्षेत्रीय गवर्नर वितालीय किम के मुताबिक, माइकोलेव में रूसी गोलाबारी से एक अस्पताल की इमारत ध्वस्त हो गई है और कई एंबुलेंस को नुकसान पहुंचा है। हमले में तीन नागरिक भी घायल हुए हैं।

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