देश की खबरें | प्रयागराज में कई मतदाताओं के लिए स्थानीय मुद्दे तो कई के लिए विकास का मुद्दा महत्वपूर्ण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद और फूलपुर लोकसभा सीटों पर इस बार चुनाव दिलचस्प रहने की उम्मीद है क्योंकि मतदाताओं का एक वर्ग स्थानीय मुद्दे उठा रहा है तो कई लोग इस चुनाव को अनूठी इलाहाबादी संस्कृति बचाने के चुनाव के तौर पर देख रहे हैं।

प्रयागराज, 24 मई उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद और फूलपुर लोकसभा सीटों पर इस बार चुनाव दिलचस्प रहने की उम्मीद है क्योंकि मतदाताओं का एक वर्ग स्थानीय मुद्दे उठा रहा है तो कई लोग इस चुनाव को अनूठी इलाहाबादी संस्कृति बचाने के चुनाव के तौर पर देख रहे हैं।

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम से लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उच्च न्यायालय तक, प्रयागराज शिक्षा, अध्यात्म और साहित्य का केंद्र रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे घनी आबादी वाले जिलों में से एक इस जिले ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं।

सांस्कृतिक कार्यकर्ता जफर बख्त ने बताया, “इलाहाबाद ने हमेशा से प्रतिरोध दिखाया है। यहां के लोगों में हेकड़ी है और ये किसी के सामने नहीं झुकते। बौद्धिक रूप से यह बहुत समृद्ध शहर है और पूर्व में यदि कोई गलती हुई तो तो यह शहर उसे सुधार लेगा। मौजूदा समय में इस चुनाव में बेरोजगारी और तनाव प्रमुख मुद्दा है।”

शनिवार को इलाहाबाद और फूलपुर सीट पर मतदान होने जा रहा है। इन दोनों ही सीटों पर 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की थी। प्रयागराज में कुल 31 लाख मतदाता पंजीकृत हैं जिसमें से 20.67 लाख फूलपुर और 18.25 लाख इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में हैं।

शहर के तेलियरगंज क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहने वाली और प्रथम बार मताधिकार का प्रयोग करने जा रही साक्षी सिंह इस चुनाव में मतदान करने को लेकर खासा उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वह उस दल के पक्ष में मतदान करेंगी जो महिलाओं और उनकी शिक्षा के लिए काम करेंगे।

मधवापुर के तिकोनिया पर चाट की दुकान चलाने वाले शिव कुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगता कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में माहौल है क्योंकि उन्होंने देश के विकास के लिए काफी काम किया है। हालांकि उन्होंने बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की।

मधवापुर के निवासी राम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई से निपटने के लिए काम करने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार को अच्छा बताया।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले मम्फोर्डगंज निवासी राम प्रसाद दूबे ने कहा कि विकास, प्रयागराज के लिए एक मुद्दा है, लेकिन उनके लिए इस चुनाव में सबसे बड़ा कारक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रगति है।

एक दशक पहले सड़क दुर्घटना के बाद टेक्नीशियन की नौकरी गंवाने वाले और वर्तमान में संगम के पास खीरा ककड़ी और तरबूज बेचने वाले जय प्रकाश राय ने कहा कि वह अपनी रोजमर्रा की जरूरते पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसलिए महंगाई उनके लिए प्रमुख मुद्दा है।

संगम में नाव चलाने वाले ज्ञान चंद ने कहा कि हाल के वर्षों में उनके कामकाज की स्थिति में सुधार आया है और वर्तमान में करीब 5,000 नावें संगम क्षेत्र में चल रही हैं।

शहर के जार्ज टाउन इलाके में रहने वाले मनोज यादव ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार आज के समय की बुनियादी जरूरतें हैं और देश का विकास भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है जो एक स्थायी सरकार से ही सुनिश्चित हो सकता है।

बैरहना में प्रसिद्ध देहाती रसगुल्ला की दुकान में काम करने वाले महादेव का कहना है कि इस क्षेत्र में चुनावी माहौल सकारात्मक है और विकास एक प्रमुख मुद्दा है।

झूंसी के निवासी संतोष कुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर किसी तक पहुंचा है, जबकि उनके मित्र मनोज कुमार ने कहा कि सब कुछ अच्छा है और वह कमल का समर्थन कर रहे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\