कोविड-19 के संक्रमण की दर को घटाने और सार्वजनिक गतिविधि बढ़ाने पर ध्यान होना चाहिए: मोदी

आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्रियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि उनका ‘दृढ़ मत है कि पहले चरण में जरूरी समझे गये कदमों की दूसरे चरण में जरूरत नहीं है और इसी तरह तीसरे चरण में जरूरी समझे गये कदमों की चौथे चरण में जरूरत नहीं है।’’

जमात

नयी दिल्ली, 11 मई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की दर में कमी और सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सार्वजनिक गतिविधियों में क्रमिक वृद्धि ‘दोहरी’ चुनौती है तथा अब केंद्र एवं राज्यों को इस दोहरे उद्देश्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करना होगा।

आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्रियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि उनका ‘दृढ़ मत है कि पहले चरण में जरूरी समझे गये कदमों की दूसरे चरण में जरूरत नहीं है और इसी तरह तीसरे चरण में जरूरी समझे गये कदमों की चौथे चरण में जरूरत नहीं है।’’

प्रधानमंत्री ने दो गज की दूरी के महत्व को दोहराया और कहा कि कई मुख्यमंत्रियों द्वारा दिये गये रात्रि कर्फ्यू का सुझाव लोगों के बीच सावधानी की भावना को निश्चित ही मजबूत बनाएगा।

ट्रेनों की बहाली का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आर्थिक गतिविधि को बढ़ाने के लिए यह जरूरी था । लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मार्गों पर सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी और बस सीमित संख्या में ट्रेनें चलेंगी।

मोदी ने कहा, ‘‘ मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि 15 मई तक आप बताएं कि आपमें से हरेक अपने-अपने राज्य में लॉकडाउन को कैसे संभालना चाहता है। मैं चाहता हूं कि लॉकडाउन के दौरान और उसमें क्रमिक ढील के बाद चीजों से कैसे निपटेंगे, उसका आप ब्लूप्रिंट बनाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अब दुनिया विश्वयुद्ध की भांति ही कोरोना पूर्व, कोरोना बाद, के रूप में होगी। और , हम कैसे काम करते हैं, उसमें इससे कई अहम बदलाव होंगे।’’

मोदी ने कहा कि जीवन का नया मार्ग जन से जग तक के सिद्धांत पर होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी को नयी सच्चाई के अनुसार योजना बनानी होगी।’’

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