जरुरी जानकारी | सात प्रतिशत वृद्धि दर के लिये राजकोषीय प्रोत्साहन, बैंकों में तेजी से पूंजी डालने की जरूरत: पनगढ़िया

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नयी दिल्ली, 21 सितंबर नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सोमवार को कहा कि भारत को सात प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर के रास्ते पर लौटने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन, कम ब्याज दर, बैंकों में तेजी से पूंजी डालने और कुछ सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की जरूरत होगी।

एआईएमए के डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पनगढ़िया ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण देश को अप्रैल-जून के दौरान करीब 125 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

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उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था कोविड-19 के बाद सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि पर लौटेगी। इसके लिये मैं आरबीआई की तरफ से निम्न ब्याज दर व्यवस्था पर जोर दूंगा।’’

पनगढ़िया ने कहा, ‘‘हमें कुछ राजकोषीय प्रोत्साहन की जरूरत है। हमें बैंकों में तेजी से पूंजी डालने की भी जरूरत है।’’

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सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट से पार पाने के लिये मई में करीब 21 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें बड़े स्तर पर निजीकरण के साथ-साथ सड़कों और रेलवे को बाजार पर चढ़ाने की जरूरत है।’’

ज्यादातर रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रिों ने चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान जताया है।

एशियाई विकास बैंक का अनुमान है कि 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था में 9 प्रतिशत की गिरावट आएगी। वहीं गोल्डमैन सैक्श ने 14.8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है जबकि फिच रेंटिंग्स ने 10.5 प्रतिशत गिरावट का अनुमान रखा है।

पनगढ़िया ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि कोविड-19 संकट से पहले नरम पड़ रही थी क्योंकि वित्तीय क्षेत्र पर काफी दबाव था।

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए हमें अब बैंकों में पूंजी डालने की जरूरत है। अन्यथा एनपीए (फंसा कर्ज) फिर बढ़ेगा और भारतीय अथव्यवस्था के लिये फिर से 7-7.5 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करना कठिन होगा। हमें पिछली गलतियों को दोहराना नहीं चाहिए।’’

कृषि क्षेत्र के बारे में बात करते हुए पनगढ़िया ने कहा कि भारत के लिये कृषि महत्वपूर्ण्र है क्योंकि कई लोग इस पर आश्रित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कृषि 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं कर सकता है। इसीलिए हमें सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों से और वृद्धि की जरूरत है।’’

कोरोना वायरस और उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आयी। हालांकि इस दौरान कृषि क्षेत्र में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

चीन के साथ व्यापार के बारे में उन्होंने कहा कि भारत को पड़ोसी देश के साथ व्यापार जारी रखना होगा।

पनगढ़िया ने कहा, ‘‘लेकिन चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। हमें यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते करने चाहिए।’’

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