अमरावती, 10 अगस्त विजयवाड़ा में एक कोविड देखभाल केंद्र में आग लगने की घटना के एक दिन बाद सरकार द्वारा गठित विभिन्न समितियों ने जांच शुरू कर दी है।
इस घटना में कोरोना वायरस से संक्रमित नौ लोगों सहित 10 व्यक्तियों की मौत हो गयी थी।
ये समितियां विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इनमें स्वर्ण पैलेस होटल प्रबंधन द्वारा अग्नि सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करना शामिल है।
समितियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि होटल को लीज पर लेकर इसे कोविड देखभाल केंद्र में बदलने वाले क्या रमेश हॉस्पिटल्स प्रबंधन ने जरूरी अनुमति ली थी और क्या वहां पर्याप्त सुविधाएं थीं।
संदेह है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से शुरू हुयी और रिसेप्शन क्षेत्र में रखे सेनेटाइजर के भंडार के कारण आग तेज हो गयी।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एम डी अहसन रजा ने सरकार को दी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि (होटल) की सीढ़ी अंदर में थी और पूरे गलियारे, सीढ़ी और कमरों में धुआं भर गया। इस वजह से मरीजों को बाहर निकालने में दिक्कत हुयी और वे बाहर नहीं आ सके। इस वजह से 10 लोगों की मौत हो गयी।
उन्होंने कहा कि होटल में बुनियादी अग्निशमन उपकरण भी नहीं थे।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हालांकि बाहर निकलने के लिए पीछे की ओर सीढ़ी थी, लेकिन जब आग लगी तो उसे खोला नहीं गया। अधिकारी ने कहा, "यह प्रबंधन की ओर से एक बड़ी चूक थी।’’
जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर हार्ड डिस्क जब्त कर लिए गए हैं।
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