देश की खबरें | मंगलुरु में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान यातायात अवरुद्ध करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज

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मंगलुरु, 19 अप्रैल कर्नाटक पुलिस ने केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 के खिलाफ शुक्रवार को मंगलुरु में हुए प्रदर्शन को अवैध बताते हुए प्रदर्शनकारियों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

मंगलुरु के पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि उलेमा कोऑर्डिनेशन कमेटी-कर्नाटक के नेतृत्व में अडयार-कन्नूर में स्थित शा गार्डन में आयोजित विरोध प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 73 पर यातायात घंटों बाधित रहा। उन्होंने बताया कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया गया था कि राजमार्ग को अवरुद्ध न किया जाए।

इस प्रदर्शन का आह्वान मंगलुरु और उडुपी के शहर मुफ्तियों ने किया था।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने और राजमार्ग जाम करने के आरोप में कंकनाडी टाउन थाने में तीन नामजद आरोपियों समेत कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शुरू हुए इस प्रदर्शन में हजारों मुस्लिम शामिल हुए थे।

जब प्रदर्शन स्थल शा गार्डन और आसपास का इलाका खचाखच भर गया तो भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 73 पर फैल गई।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार शाम लगभग 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने जानबूझकर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे और बीच में जमा होकर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों से बार-बार अपील की गई कि वे सड़क खाली कर दें ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। पुलिस ने प्रारंभिक वीडियो विश्लेषण और प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर तीन व्यक्तियों की पहचान की है जिन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है। इन तीनों की पहचान जलील, फजल, और मोहम्मद हनीफ नौफल के रूप में हुई है।

पुलिस ने इस मामले में प्रदर्शन के आयोजक किसी बड़े मुस्लिम नेता या धर्मगुरु के खिलाफ न तो कार्रवाई की है और न ही उनके नाम प्राथमिकी में दर्ज किये हैं।

गौरतलब है कि इस प्रदर्शन से एक दिन पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि विरोध प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न हो। न्यायालय ने यह भी कहा था कि जब वक्फ अधिनियम में संशोधन का मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तो राज्य को ऐसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के बावजूद राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया और पुलिस महज तमाशबीन बनी रही क्योंकि इस प्रदर्शन को राज्य की कांग्रेस सरकार का पर्दे के पीछे से समर्थन था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता कैप्टन गणेश कार्णिक ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रदर्शन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की मिलीभगत से आयोजित किया गया।

दूसरी तरफ पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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