विदेश की खबरें | फिनलैंड और स्वीडन ने नाटो में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बर्लिन, 15 मई (एपी) फिनलैंड और स्वीडन ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही यूरोप में तटस्थ रहने वाले देशों की संख्या में और कमी आ जाएगी।

बर्लिन, 15 मई (एपी) फिनलैंड और स्वीडन ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही यूरोप में तटस्थ रहने वाले देशों की संख्या में और कमी आ जाएगी।

इन दो नॉर्डिक देशों की तरह अन्य देश भी यूरोपीय संघ में इसलिए शामिल हुए थे ताकि पूर्व-पश्चिम समूह में विभाजित हुए बिना यूरोप की आर्थिक और राजनीतिक एकता को मजबूत किया जा सके।

लेकिन, यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद परिस्थितियां बिल्कुल बदल गयी हैं, जिसने फिनलैंड और स्वीडन को उनकी तटस्थ रहने की नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

फिनलैंड का कहना है कि वह आगामी कुछ दिनों में नाटो की सदस्यता लेने पर फैसला करेगा जबकि स्वीडन भी फिनलैंड का अनुसरण कर सकता है। दोनों ही देशों की जनता नाटो में शामिल होने के पक्ष में है।

हालांकि, यूरोपीय संघ के सदस्य किसी बाहरी हमले के मामले में एक-दूसरे की रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यह प्रतिज्ञा काफी हद तक कागज पर ही बनी हुई है। नाटो की क्षमता सामूहिक रक्षा की यूरोपीय संघ की नीति से अधिक मजबूत है।

लेकिन, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोआन फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में शामिल होने के खिलाफ हैं। एर्दोआन का कहना है कि तुर्की, फिनलैंड और स्वीडन को नाटो में शामिल करने के विचार का समर्थन नहीं करता।

एर्दोआन के मुताबिक ये नॉर्डिक देश कुर्द लड़ाकों का समर्थन करते हैं, जिन्हें तुर्की आतंकवादी मानता है।

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