जरुरी जानकारी | उर्वरक कंपनियां वित्त वर्ष 2020-21 में कमाएंगी अच्छा मुनाफा: इक्रा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उर्वरक कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में किसानों के अच्छे उठाव के साथ साथ विभिन्न खंडों में परिलक्षित मजबूत विकास के कारण चालू वित्तवर्ष में अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

मुंबई, 28 जुलाई उर्वरक कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में किसानों के अच्छे उठाव के साथ साथ विभिन्न खंडों में परिलक्षित मजबूत विकास के कारण चालू वित्तवर्ष में अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

इक्रा रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि यूरिया उर्वरक की बिक्री की मात्रा में 69 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है, जबकि डाय-अमोनियम फॉस्फेट (115 प्रतिशत), कॉम्प्लेक्स यानी मिश्रित उर्वरक (120 प्रतिशत), म्यूरेट आफ पोटाश (70 प्रतिशत) और एकल सुपर फास्फेट (43 प्रतिशत) की वृद्धि देखी गई है।

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इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि लॉकडाउन के शुरुआती चरण में, मजदूरों की कमी और एकीकृत रासायनिक परिसरों में स्थित कुछ उर्वरक संयंत्रों के बंद होने के कारण ‘डिस्पैच’ (उर्वरक भेजने का काम) प्रभावित हुआ था।

हालांकि, स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई छूट और कंपनियों द्वारा लागू सुरक्षा मानदंडों के साथ, अप्रैल में परिचालन फिर से बहाल किया गया।

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इसके अलावा, उर्वरक उत्पादन और उनका प्रेषण का काम काफी हद तक प्रभावित नहीं हुआ जिसका कारण इन कार्यो को आवश्यक वस्तुओं के रूप में वर्गीकरण किया जाना था।

इक्रा के समूह प्रमुख और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रविचंद्रन ने कहा कि पहली तिमाही के दौरान, उर्वरकों के उठाव में मजबूत वृद्धि देखी गई क्योंकि किसान लॉकडाउन की स्थिति में उर्वरकों की कमी की स्थिति से बचने के लिए उर्वरकों का स्टॉक जमा कर लेना चाहते थे जिसकी बाद में कमी हो सकती थी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत धनराशि हस्तांतरित करने की वजह से, किसानों के हाथ नकदी आने से उनकी क्रय शक्ति भी बढ़ी जिसके कारण संभवत: उर्वरकों का उठाव बढ़ना संभव हुआ।’’

रविचंद्रन ने कहा, ‘‘मात्रा के स्तर पर मजबूत वृद्धि के परिणामस्वरूप, उर्वरक कंपनियों को वित्तवर्ष 2021 की पहली तिमाही में अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है।’’

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का प्रवाह कम हो रहा है क्योंकि अप्रैल में एक बड़ी रकम का भुगतान किया जा चुका है।

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