जरुरी जानकारी | फेडरल बैंक का चौथी तिमाही एकीकृत शुद्ध लाभ 58 प्रतिशत बढ़कर 521 करोड़ रुपये पर पहुंचा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक का चौथी तिमाही का एकीकृत मुनाफा 58 प्रतिशत बढ़कर 521.24 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक द्वारा फंसे कर्ज के एवज में अलग रखी गई राशि कम होने से मुनाफा बढ़ा है।

मुंबई, 17 मई निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक का चौथी तिमाही का एकीकृत मुनाफा 58 प्रतिशत बढ़कर 521.24 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक द्वारा फंसे कर्ज के एवज में अलग रखी गई राशि कम होने से मुनाफा बढ़ा है।

वहीं, एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही के दौरान 58 प्रतिशत बढ़कर 477.81 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पूरे वर्ष के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 1,590 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले साल बैंक ने एकल आधार पर 1,542 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल किया था।

बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्याम श्रीनिवासन ने संवाददाताओं से कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2021) चुनौतीपूर्ण रह सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक को नया साल भी पिछले साल की ही तरह रहेगा और जैसे जैसे समय आगे बढ़ेगा चीजें बेहतर होती जायेंगी। हालांकि, उन्होंने चालू वित्त वर्ष के दौरान रिण वृद्धि के बारे में कोई अनुमान नहीं जताया।

बैंक की शुद्ध ब्याज आय इस दौरान 17 प्रतिशत बढ़कर 1,420 करोड़ रुपये रही। यह आय 9 प्रतिशत की रिण वृद्धि पर दर्ज की गई जबकि इस दौरान शुद्ध ब्याज मार्जिन 0.19 प्रतिशत बढ़कर 3.23 प्रतिशत हो गया। बैंक की आपात जरूरतों और अन्य जरूरतों के लिये कुल प्रावधान 242 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले यह राशि 567 करोड़ रुपये रही थी।

वित्त वर्ष 2020- 21 के दौरान बैंक को 1,800 करोड़ रुपये की प्राप्ति नहीं हो पाई जो कि इससे पिछले वर्ष के समान ही रही। हालांकि, बैंक ने इसके लिये पहले ही 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान कर लिया था जो कि इससे पिछले साल में 1,000 करोड़ रुपये रखा गया था।

श्रीनिवासन ने कहा कि बैंक प्रावधान कवरेज औसत को 65 प्रतिशत पर बनाये रखेगा। बैंक को जब भी लगेगा की उसके खातों पर दबाव बढ़ रहा है वह इसके लिये अलग से प्रावधान करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह के दौरान बैंक को छोट व्यवसायियों से 100 करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन के लिये आवेदन प्राप्त हुये।

उन्होंने कहा कि समाप्त वित्त वर्ष के दौरान स्वर्ण रिण में 70 प्रतिशत उछाल उसकी कुल रिण वृद्धि में अहम भूमिका निभाने वाला रहा। कंपनियों की रिण मांग में पांच प्रतिशत गिरावट के बावजूद स्वर्ण के बदले लिये गये कर्ज में अच्छी वृद्धि के चलते बैंक को चालू वित्त वर्ष के दौरान इस मद में 25 से 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।

वर्ष के दौरान बैंक ने देश में विदेशों से आई एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति में सहयोग किया। इससे पिछले साल यह राशि 92,000 करोड़ रुपये रही थी। 31 मार्च 2021 को बैंक की पूंजी पर्याप्तता मामूली बढ़कर 14.62 प्रतिशत हो गई।

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