पणजी, 22 सितम्बर गोवा के किसानों के एक समूह ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और भाजपा नीत राज्य सरकार से कृषि विधेयकों को तटीय राज्य में लागू करने से पहले किसानों के साथ बातचीत करने की मांग की।
कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 संसद के दोनों सदन में पारित हो चुके हैं।
विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान विधेयकों के खिलाफ पणजी के आजाद मैदान में एकत्रित हुए।
पणजी के पास तालेइगांव के किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहीं सेसिल रोड्रिग्स ने कहा, ‘‘राज्य सरकार को विधेयक लागू करने से पहले किसनों से इस पर चर्चा करनी चाहिए। किसानों को यह जानने की जरूरत है कि आखिर विधेयक में है क्या।’’
उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना विधेयक उन पर थोपा नहीं जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर से मामले में हस्तक्षेप करने और किसानों के साथ बैठक करने की मांग की ।
कावलेकर राज्य के कृषि मंत्री भी हैं।
मापुसा के किसान अनिल केरकर ने आरोप लगाया कि विधेयक केवल कुछ कॉरपोरेट घरानों की मदद करेंगे। साथ ही केन्द्रीय आयुष मंत्री एवं उत्तरी गोवा से सांसद श्रीपद नाइक से विधेयकों को रद्द करने की मांग भी की।
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