डिब्रूगढ़, 27 अप्रैल ‘वारिस दे पंजाब’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह समेत इसके गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के दस परिजन बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे और उनसे मिलने के लिए डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार गये। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गिरफ्तार लोगों के एक-एक परिजन को उनसे मिलने की अनुमति दी थी जिसके बाद वे लोग यहां पहुंचे।
परिजनों के साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के एक कार्यकारी सदस्य और वकील भगवंत सिंह सियाल्का तथा एक अन्य अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह भी थे।
सिंह ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि गिरफ्तार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियनम (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन सभी के खिलाफ समान आरोप हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार लोगों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। यह निश्चित रूप से साजिश है क्योंकि उन पर रासुका के तहत मामला दर्ज करने का कोई कारण नहीं है। अमृतपाल मादक पदार्थ दुरुपयोग के खिलाफ प्रचार कर रहा था और सिख धर्म के उपदेश देता था।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमने उच्च न्यायालय से उनके खिलाफ रासुका के तहत आरोपों को रद्द करने की अपील की है और अगली सुनवाई की तारीख एक मई तय की गयी है।’’
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