देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर में भीड़ के हमले के बाद परिजन कोविड-19 पीड़ित की अधजली लाश लेकर भागे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मरे व्यक्ति के दाह संस्कार के वक्त भीड़ ने हमला कर दिया जिसमें बाद परिजनों को चिता पर से अधजली लाश लेकर वहां से भागना पड़ा। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दूसरे स्थान पर नियमों के अनुसार शव का दाह संस्कार कराया गया।

जियो

जम्मू, दो जून जम्मू में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मरे व्यक्ति के दाह संस्कार के वक्त भीड़ ने हमला कर दिया जिसमें बाद परिजनों को चिता पर से अधजली लाश लेकर वहां से भागना पड़ा। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दूसरे स्थान पर नियमों के अनुसार शव का दाह संस्कार कराया गया।

मृतक के बेटे के मुताबिक डोडा जिले के रहने वाले 72 वर्षीय व्यक्ति की सोमवार को जम्मू स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी। जम्मू संभाग में कोविड-19 से यह चौथी मौत है।

यह भी पढ़े | Jessica Lal Murder Case in Delhi: राजधानी दिल्ली में पार्टी के दौरान हुआ था मशहूर मॉडल जेसिका लाल का मर्डर, यहां पढ़ें इस केस की पूरी TIMELINE.

बेटे ने कहा, ‘‘हम एक राजस्व अधिकारी और चिकित्सीय टीम के साथ अंतिम संस्कार कर रहे थे। डोमना इलाके की शमशान भूमि में चिता को अग्नि दी ही गई थी, तभी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां आ गए और अंतिम संस्कार को बाधित किया।’’

अंतिम संस्कार के समय मृतक की पत्नी और दो बेटों सहित कुछ करीबी रिश्तेदार ही थे। जब भीड़ ने पथराव किया और डंडों से हमला किया तब परिजन चिता से अधजली लाश एंबुलेस में रख कर वहां से भागे।

यह भी पढ़े | Manoj Tiwari Replaced by Adesh Kumar Gupta: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष रहते हुए मनोज तिवारी का विवादों से रहा है गहरा नाता, अब हुई छुट्टी.

पीड़ित के बेटे ने कहा, ‘‘हमने अपने गृह जिले में अंतिम संस्कार करने के लिए सरकार ने अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जहां मौत हुई है, वहीं अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था की जाएगी और दाह संस्कार में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने भी कोई मदद नहीं की।

बेटे ने कहा कि घटनास्थल पर दो पुलिसकर्मी थे लेकिन उग्र भीड़ के खिलाफ कार्रवाई करने में वे नाकाम रहे। वहीं उनके साथ मौजूद राजस्व अधिकारी गायब हो गया।

उन्होंने कहा, ‘‘एंबुलेंस चालक और अस्पताल के कर्मचारियों ने हमारी बहुत मदद की और लाश के साथ हमें अस्पताल ले गए। सरकार को कोरोना वायरस से मरने वालों के अंतिम संस्कार करने के लिए बेहतर योजना बनानी चाहिए। ऐसे लोगों के अंतिम संस्कार में हाल में आई परेशानियों और अनुभवों पर गौर करना चाहिए।’’

बाद में शव जम्मू के भगवती नगर इलाके स्थित शमशान भूमि ले जाया गया और अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\