फेसबुक ने जियो प्लेटफार्म्स में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी, 43574 करोड़ रुपये में हुआ सौदा
यह भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) है।
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल फेसबुक ने मुकेश अंबानी के नेतृव वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर या करीब 43,574 करोड़ रुपये निवेश का करार किया है।
यह भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) है।
इस सौदे से आरआईएल को कर्ज कम करने में मदद मिलेगी और समूह अमेजन तथा वॉलमार्ट के मुकाबले भारतीय ई-कॉमर्स मंच बनाने में व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर सकेगा। दूसरी ओर फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी।
रिलायंस के बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘आज हम रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड में 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर या 43,574 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा कर रहे हैं, जिससे फेसबुक इसका सबसे बड़ा अल्पांश शेयरधारक बन जाएगा।’’ रिलायंस ने कहा कि जियो प्लेटफार्म्स की कीमत 4.62 लाख करोड़ रुपये (70 रुपये प्रति डॉलर की विनिमय दर प 65.95 अरब अमेरिकी डॉलर) आंकी गई है।
फेसबुक को नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और उसे जियो प्लेटफार्म्स के बोर्ड में जगह मिलेगी। इस कंपनी के बोर्ड में मुकेश अंबानी की बेटी और बेटा ईशा और आकाश भी हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूरसंचार नेटवर्क जियो की शत प्रतिशत हिस्सेदारी जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड के पास है। बयान में कहा गया है कि जियो प्लेटफार्म्स में फेसबुक की हिस्सेदारी 9.99 प्रतिशत होगी।
जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो तमाम प्रकार की डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है। इसके ग्राहकों की संख्या 38.8 करोड़ से अधिक है।
इस सौदे के लिए सलाहकारों ने पिछले साल नवंबर में मसौदा बनाना शुरू किया था, और जुलाई या अगस्त में दोनों समूहों के बीच वाणिज्यिक वार्ता शुरू हुई। यह सौदा पहले 31 मार्च को होना था, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बातचीत में देरी हुई।
आरआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने फेसबुक के साथ साझेदारी पर कहा, ‘‘जब रिलायंस ने 2016 में जियो की पेशकश की थी, तब हम भारत के डिजिटल सर्वोदय के सपने से प्रेरित थे- भारत का ऐसा समावेशी डिजिटल उत्कर्ष, जिससे प्रत्येक भारतीय के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो और भारत दुनिया का अग्रणी डिजिटल समाम बने।’’
उन्होंने कहा कि जियो और फेसबुक के बीच तालमेल से ‘डिजिटल इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि कोरोना वायरस संकट टल जाने के बाद बहुत जल्द भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
अंबानी ने पिछले साल अगस्त में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को कुछ कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने के बारे में बताया था, ताकि 2021 तक समूह को कर्ज मूक्त किया जा सके।
आरआईएल द्वारा अपने कर्ज को कम करने के प्रयासों के तहत फेसबुक के साथ यह सौदा किया गया है। आरआईएल अपने कई व्यवसायों में रणनीतिक भागीदारी की तलाश कर रही है।
समूह अपने तेल-रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए सऊदी अरामको के साथ बातचीत भी कर रहा है। समूह ने अगले साल तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य तय किया है।
जियो में हिस्सेदारी के लिए कथित तौर पर गूगल से भी बातचीत की जा रही थी, लेकिन उन बातचीत के नतीजे के बारे में जानकारी फिलहाल नहीं है।
ताजा सौदा जियो और फेसबुक दोनों के लिए फायदेमंद है क्योंकि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है।
फेसबुक ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण किया था, जिसके बाद यह किसी कंपनी में हिस्सेदारी उसके लिए सबसे बड़ा सौदा है।
आरआईएल ने कहा कि इस निवेश के साथ जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस रिटेल लिमिटेड और व्हाट्सएप के बीच भी एक वाणिज्यिक साझेदारी समझौता हुआ है। इसके तहत व्हाट्सएप के इस्तेमाल से जियोमार्ट प्लेटफार्म पर रिलायंस रिटेल के नए वाणिज्यिक कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और व्हाट्सऐप पर छोटे कारोबारियों को सहायता दी जाएगी।
जियोमार्ट पारंपरिक दुकानदारों और किराना स्टोर की ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है।
आरआईएल ने कहा कि इस सौदे के लिए अभी नियामक और अन्य मंजूरियां मिलनी बाकी हैं। सौदे के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी लेनी होगी।
इस सौदे के लिए मॉर्गन स्टेनली ने एक वित्तीय सलाहकार के रूप में और एजेडबी एंड पार्टनर्स और डेविस पोल्क एंड वार्डवेल ने कानूनी सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
आरआईएल ने जियो पर करीब 50 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जिनमें से ज्यादातर धन उधार लिया गया था। जियो ने 2016 में मुफ्त कॉल और सस्ते डेटा के साथ भारतीय बाजार में कारोबार की शुरुआत की।
आरआईएल पर दिसंबर तिमाही के अंत में 3,06,851 करोड़ रुपये का कर्ज था। उसके पास 1,53,719 करोड़ रुपये की आरक्षित नकदी भी थी और इस तरह उस पर शुद्ध कर्ज 1,53,132 करोड़ रुपये था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 04:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

