विदेश की खबरें | इस साल प्रचंड गर्मी दर्ज की गई : विश्व मौसम विज्ञानी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. डब्लूएमओ और यूरोपीय जलवायु सेवा कॉपरनिकस ने बुधवार बताया कि पिछला महीना न सिर्फ अब तक का सबसे गर्म दर्ज किया गया, बल्कि यह जुलाई 2023 के बाद मापा गया दूसरा सबसे गर्म महीना भी था।
डब्लूएमओ और यूरोपीय जलवायु सेवा कॉपरनिकस ने बुधवार बताया कि पिछला महीना न सिर्फ अब तक का सबसे गर्म दर्ज किया गया, बल्कि यह जुलाई 2023 के बाद मापा गया दूसरा सबसे गर्म महीना भी था।
वैज्ञानिकों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से यह गणना की। इस साल अगस्त का महीना लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म था, जो कि तापमान वृद्धि की सीमा है जिसे दुनिया पार नहीं करने की कोशिश कर रही है। लेकिन 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा सिर्फ एक महीने से नहीं बल्कि दशकों से अधिक रही है।
डब्ल्यूएमओ और कॉपरनिकस ने कहा कि दुनिया के महासागर में (पृथ्वी की सतह का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा) लगभग 21 डिग्री सेल्सियस के साथ अब तक का सबसे गर्म दर्ज किया गया और लगातार तीन महीनों तक यह उच्च तापमान के निशान पर बना रहा है।
कॉपरनिकस के अनुसार, अब तक 2016 के बाद 2023 रिकॉर्ड दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा है।
वैज्ञानिकों ने कोयले, तेल और प्राकृतिक गैस के जलने के साथ-साथ प्राकृतिक अल नीनो के अतिरिक्त दबाव के कारण मानव जनित जलवायु परिवर्तन के बढ़ने को जिम्मेदार ठहराया है। अल नीनो, प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का अस्थायी रूप से गर्म होने की प्रक्रिया है जिसके कारण दुनियाभर में मौसम की स्थिति बदलती है।
अल नीनो इस साल की शुरुआत में शुरू हुआ और आमतौर पर यह वैश्विक तापमान में अतिरिक्त गर्मी में बढ़ोतरी करता है।
जलवायु विज्ञानी एंड्रयू वीवर ने कहा कि डब्ल्यूएमओ और कॉपरनिकस द्वारा घोषित आंकड़े कोई आश्चर्य की बात नहीं हैं बल्कि यह दुख की बात है कि सरकारें जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जब तापमान फिर से गिरेगा तो जनता इस मुद्दे को भूल जाएगी।
कॉपरनिकस यूरोपीय संघ के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक प्रभाग है।
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