देश की खबरें | विशेषज्ञों का किसान नेता दिलबाग सिंह की चलती कार पर फायरिंग की संभावना से इंकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लखनऊ स्थित फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने तीन अक्टूबर, 2021 को तिकुनिया हिंसा के गवाह और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह की चलती कार पर फायरिंग की संभावना से इंकार किया है।

लखीमपुर खीरी (उप्र), तीन जून लखनऊ स्थित फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने तीन अक्टूबर, 2021 को तिकुनिया हिंसा के गवाह और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह की चलती कार पर फायरिंग की संभावना से इंकार किया है।

खीरी के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने बृहस्पतिवार शाम को जारी एक विज्ञप्ति में कहा, “लखनऊ के बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को उस जगह का गहन निरीक्षण किया जहां दिलबाग सिंह पर कथित हमला हुआ था।”

बयान में आगे कहा गया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने हमले की घटना के संबंध में दो विसंगतियों को उजागर किया।

दिलबाग सिंह ने गोला कोतवाली पुलिस थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने 31 मई की रात अलीगंज-मुडा मार्ग पर उनकी कार पर उस समय गोली चलाई जब वह दो व्यक्तियों- जितेंद्र और विपिन को उनके भदेर गांव छोड़कर वापस घर लौट रहे थे। वह कार खुद चला रहे थे।

दिलबाग सिंह ने प्राथमिकी में बताया है कि बदमाशों ने सबसे पहले गोली से उनकी चलती कार का टायर पंचर किया और फिर ड्राइविंग सीट की खिड़की पर गोली चलाई। वह इस हमले में बाल बाल बच गए।

हालांकि बैलिस्टिक विशेषज्ञों की प्रारंभिक रिपोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए संजीव सुमन ने कहा, विशेषज्ञों ने पाया कि दिलबाग की कार जब खड़ी थी, उस समय टायर को गोली से पंचर किया गया। साथ ही कार के दोनों ओर उस समय गोलियां चलाई गईं जब कार खड़ी थी।

उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खीरी के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत जितेंद्र और विपिन के बयान लिए गए हैं जिसमें उन्होंने बताया है कि दिलबाग सिंह ने हथियार का लाइसेंस लेने के लिए इस तरह की घटना करने की बात उनसे कही थी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दिलबाग सिंह की सुरक्षा के लिए उन्हें एक नया गनर उपलब्ध कराया गया है। दिलबाग को पूर्व में दिए गए गनर को निलंबित कर दिया गया था।

इस बीच, लखीमपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों के भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने बृहस्पतिवार को अलीगंज के निकट तिहुलिया गुरुद्वारा में एक पंचायत की जिसकी अध्यक्षता राज्य स्तर के पदाधिकारी अजित सिंह ने की।

इन नेताओं ने दिलबाग सिंह पर हमले की निंदा की और खीरी पुलिस से इस हमले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। निष्पक्ष जांच नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।

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