ताजा खबरें | बूस्टर खुराक की जरूरत को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों पर विचार कर रहे विशेषज्ञ समूह : सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड टीकाकरण संबंधी राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) और राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह बूस्टर खुराक की जरूरत और औचित्य के संबंध में वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार कर रहे हैं।
नयी दिल्ली, 30 नवंबर सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड टीकाकरण संबंधी राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) और राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह बूस्टर खुराक की जरूरत और औचित्य के संबंध में वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कि कुछ देश कोविड-19 टीके की बूस्टर खुराक दे रहे हैं। बूस्टर खुराक के संबंध में भारत सरकार के रुख के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण संबंधी राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह और राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह बूस्टर खुराक की जरूरत और औचित्य को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि टीका ले चुके लोगों के अस्पताल में भर्ती होने और बीमारी से मृत्यु की दर में काफी कमी आई है, लेकिन ऐसे कुछ लोगों में अब भी हल्के संक्रमण हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसलिए मास्क का सख्त उपयोग, सामाजिक दूरी बनाए रखने और हाथ धोने सहित हर समय कोविड संबंधी उपयुक्त व्यवहार का पालन महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसएमआर) ने एक टीकाकरण ट्रैकर विकसित किया है जो आंशिक रूप से और पूरी तरह से टीकाकरण वाले व्यक्तियों में मौतों की संख्या की तुलना में टीका नहीं लेने वाले व्यक्तियों की कोविड से मौतों की संख्या पर अलग-अलग जानकारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसरण में कोविड से जान गंवाने वालों के परिजनों को अनुग्रह सहायता प्रदान करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)