ताजा खबरें | वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतों का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं : वैष्णव

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि विभिन्न चुनौतियों के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतें देने का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है।

नयी दिल्ली, 22 जुलाई रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि विभिन्न चुनौतियों के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतें देने का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है।

वैष्णव ने हालांकि कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेल ने दिव्यांग व्यक्तियों की चार श्रेणियों, रोगियों और विद्यार्थियों की 11 श्रेणियों के लिए किराए में रियायत जारी रखी है।

उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी यात्रियों की औसतन यात्रा की लागत का 50 प्रतिशत से अधिक भार पहले से ही वहन कर रही है। इसके अलावा, कोविड-19 के कारण पिछले दो वर्ष की यात्री आमदनी 2019-2020 की तुलना में कम है। इसका रेलवे की वित्तीय स्थिति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा है और रियायत देने की कीमत रेलवे पर बहुत भारी पड़ती है।

वैष्णव ने कहा, ‘‘इसलिए, वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतें देने का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है। इन चुनौतियों के बावजूद, भारतीय रेल ने दिव्यांग व्यक्तियों की चार श्रेणियों, रोगियों और विद्यार्थियों की 11 श्रेणियों के लिए किराए में रियायत जारी रखी है।’’

उन्होंने कहा कि रेलवे गरीब रथ, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, गतिमान, तेजस, हमसफर, मेल व एक्सप्रेस, साधारण पैसेंजर आदि जैसी विभिन्न प्रकार की रेल सेवाओं का परिचालन करती है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी यात्रियों के उपयोग के लिए विभिन्न किराया संरचनाओं पर 1एसी, 2एसी, 3एसी, एसी चेयर कार शयनयान श्रेणी, दवितीय श्रेणी आरक्षित व अनारक्षित जैसी विभिन्न श्रेणियां उपलब्ध हैं जिनमें यात्री अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार यात्रा कर सकते हैं।

रेल मंत्री ने कहा कि 2019-20 के दौरान 22.62 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने यात्री किराए में रियायत स्कीम को छोड़ने का विकल्प चुना था और बेहतर सुविधाओं के साथ रेलवे के सतत विकास के लिए रियायतें छोड़ दी थी।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि वर्तमान में, निजी परिचालकों द्वारा नियमित यात्री गाड़ी सेवाएं चलाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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