देश की खबरें | सबूत बताते हैं कि हत्या के प्रयास के मामले में विधायक नीतीश राणे की मिलीभगत है: महा पुलिस

मुंबई, 13 जनवरी महाराष्ट्र पुलिस ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय में दावा किया कि हत्या के प्रयास के मामले में भाजपा विधायक नीतेश राणे की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि यह मामला किसी उपहास की घटना के कारण दर्ज नहीं किया गया है। .

सिंधुदुर्ग जिले की कंकावली पुलिस की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला ने राणे की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त करने का अदालत से अनुरोध किया।

राणे ने पिछले महीने पुलिस द्वारा उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120 (बी) (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा इरादा) के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत मांगी है।

यह मामला सिंधुदुर्ग जिला सहकारी बैंक चुनाव के प्रचार के दौरान स्थानीय शिवसेना कार्यकर्ता संतोष परब पर कथित हमले से संबंधित है।

राणे की याचिका का विरोध करते हुए कंकावली पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा कि यह कहना गलत है कि याचिकाकर्ता को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है या 23 दिसंबर को विधान भवन के बाहर धरने में किये गये उपहास के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

पासबोला ने बृहस्पतिवार को दलील दी कि अगर मामला राजनीति से प्रेरित होता तो पुलिस 24 दिसंबर, 2021 को ही राणे को उस वक्त गिरफ्तार कर लेती, जब वह पूछताछ के लिए पेश हुए थे।

अदालत ने राणे की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना आदेश 17 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)