विदेश की खबरें | अमेरिका में साइबर घुसपैठ में रूस का हाथ होने के साक्ष्य मौजूद: तकनीकी क्षेत्र की कंपनियों ने कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. साइबर घुसपैठ पर अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की पहली सुनवाई में तकनीक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह घुसपैठ सटीक, महत्वाकांक्षी और व्यापक थी।
साइबर घुसपैठ पर अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की पहली सुनवाई में तकनीक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह घुसपैठ सटीक, महत्वाकांक्षी और व्यापक थी।
साइबर घुसपैठियों ने गोपनीय तरीके से अमेरिका और अन्य देशों के विशेष महत्व वाले ईमेल और दस्तावेजों को अपना निशाना बनाया।
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने सीनेट इंटेलिजेंस समिति को बताया, “हमने इस स्तर का जटिलता वाली घुसपैठ पहले नहीं देखी थी।”
स्मिथ ने कहा कि जांचकर्ताओं के अनुसार घुसपैठ के लिए कोड तैयार करने में कम से कम 1,000 बेहद कुशल इंजीनियरों की जरूरत पड़ी होगी।
उन्होंने कहा कि इस कोड की सहायता से टेक्सास स्थित सोलर विंड्स के व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले नेटवर्क सॉफ्टवेयर में घुसपैठ की गई और इससे विश्व भर में मैलवेयर भेजा गया।
स्मिथ ने कहा, “हमने पर्याप्त साक्ष्य देखे हैं जिनसे रूसी विदेशी खुफिया एजेंसी का हाथ होने के संकेत मिले हैं। हमें किसी और दिशा में इंगित करने वाले साक्ष्य नहीं मिले हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने भी कहा है कि साइबर घुसपैठ में रूस का हाथ होने की आशंका है।
राष्ट्रपति जो बाइडन रूस को इसकी सजा देने के लिए कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
वहीं, मास्को की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि साइबर घुसपैठ का मकसद गोपनीय जानकारी एकत्र करना था।
कम से कम नौ सरकारी एजेंसियां और सौ निजी कंपनियां इस घुसपैठ का शिकार हुए थे लेकिन यह नहीं बताया गया है कि कौन सी जानकारी चुराई गई।
वाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका को रूस पर कार्रवाई करने में “महीने नहीं बल्कि हफ्ते लगेंगे।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)