देश की खबरें | रथयात्रा पर सभी को न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए: विपक्षी दल
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भुवनेश्वर, 19 जून ओडिशा में विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा पर सभी को उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए।

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 23 जून से शुरू होने वाली रथयात्रा और उत्सव से संबंधित सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।

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भाजपा ने एक बयान में कहा कि यद्यपि यह दुखद है, लेकिन हर किसी को रथयात्रा पर शीर्ष अदालत के आदेश का पालन करना चाहिए।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती ने कहा, ‘‘हमें सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए कि इस महीने महामारी चरम पर है।’’

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ओडिशा के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने एक वीडियो संदेश में कहा कि रथयात्रा पर उच्चतम न्यायालय की रोक से लोगों की भावनाएं आहत हुई होंगी, लेकिन सभी को इसका पालन करना है। अब शीर्ष अदालत के आदेश के बाद कुछ नहीं किया जा सकता।

समाजवादी पार्टी की ओडिशा इकाई ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया और राज्य सरकार से इसका अक्षरश: क्रियान्वयन करने को कहा।

हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता बिजय महापात्र ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के सबसे बड़े उत्सव को अचानक रद्द किए जाने से राज्य सरकार की भूमिका ‘‘संदेह’’ के दायरे में रहेगी।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश का पालन करना सभी का दायित्व है, लेकिन महामारी के बीच रथयात्रा के आयोजन को लेकर सरकार की तरफ से इच्छाशक्ति की कमी थी।

कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने रथयात्रा पर न्यायालय की रोक के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

विधायक की आंखों में आंसू थे। उन्होंने रुंधे गले से कहा, ‘‘मैं इस घटनाक्रम को सहन नहीं कर सकता। आपने (राज्य सरकार) शताब्दी पुरानी परंपरा को तोड़ दिया है...आपने क्या किया? भगवान जगन्नाथ आपको (राज्य सरकार) कभी माफ नहीं करेंगे।’’

महापात्र के आरोप पर वरिष्ठ बीजद नेता एवं सरकार की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा, ‘‘कोई साजिश नहीं है जैसा आरोप लगाया जा रहा है। कौन इस बात की गारंटी देगा कि जब लाखों लोग वार्षिक उत्सव में एकत्र होंगे तो बीमारी नहीं फैलेगी।’’

उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप निराधार हैं।

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