अपनी सुरक्षा अपने हाथ में लेना चाहता है यूरोप

अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच यूरोपीय संघ के वित्त मंत्री एक ऐसे साझा रक्षा फंड पर बात कर रहे हैं जिसका इस्तेमाल अपने खुद के रक्षा उपकरण खरीदने पर किया जाएगा और कोई भी सदस्य देश एक तय फीस देकर इसका इस्तेमाल कर सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच यूरोपीय संघ के वित्त मंत्री एक ऐसे साझा रक्षा फंड पर बात कर रहे हैं जिसका इस्तेमाल अपने खुद के रक्षा उपकरण खरीदने पर किया जाएगा और कोई भी सदस्य देश एक तय फीस देकर इसका इस्तेमाल कर सकता है.इस फंड को यूरोपीय रक्षा तंत्र का नाम दिया जा रहा है जिस पर शनिवार को यूरोपीय संघ के वित्त मंत्रियों ने बातचीत शुरू की. इसका प्रस्ताव ब्रूगेल नाम के एक थिंक टैंक ने रखा. इसका मकसद है कि किसी भी सदस्य पर आर्थिक बोझ डाले बिना रक्षा क्षेत्र पर खर्च को बढ़ाना, क्योंकि बहुत ज्यादा कर्ज में दबे कई देश महंगे रक्षा उपकरण खरीदने की स्थिति में नहीं हैं.

यह फंड उस व्यापक यूरोपीय प्रयास का हिस्सा है जो यूरोप को रूस की तरफ से किसी संभावित हमले की स्थिति में तैयार रखने के लिए किया जा रहा है. यूरोपीय देशों को अब अहसास होने लगा है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते हैं.

अमेरिकी मदद के बिना यूरोप को अपनी सुरक्षा में कितना खर्च आएगा?

पुर्तगाल के वित्त मंत्री जोआकिम मिरिंदा सरमेंतो ने कहा, "यह चर्चा शुरू करने के लिए अच्छा बिंदु है." कई अन्य यूरोपीय देशों ने भी इस फंड के लिए शुरुआती समर्थन जताया है. उनका कहना है कि इस तरह का फंड बनाना तकनीकी रूप से कहीं ज्यादा आसान होगा क्योंकि यह यूरो जोन के बेल आउट फंड के मॉडल पर आधारित होगा.

यूरोपीय संघ अगले चार साल के दौरान रक्षा खर्च में 800 अरब यूरो की वृद्धि के बारे में सोच रहा है. इसके लिए रक्षा निवेश और बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए साझा तौर पर ऋण लेने से जुड़े वित्तीय नियमों को आसान बनाया जा रहा है. लेकिन इस तरह के विकल्पों से राष्ट्रीय कर्ज बढ़ता है, जो कर्ज में बहुत ज्यादा डूबे कई देशों के लिए चिंता का कारण है.

यूरोप को मजबूत करना होगा

वहीं ब्रूगेल के आइडिया में कुछ रक्षा निवेशों को राष्ट्रीय खातों से अलग रखा जाएगा. यह फंड एक अंतर सरकारी संधि के तहत बनाया जा सकता है जिसके पास अच्छी खासी मात्रा में पूंजी होगी. इसमें से कुछ उसकी अपनी पूंजी होगी और कुछ वह बाहर से ले सकता है.

इस फंड में यूरोपीय संघ से बाहर देश भी शामिल हो सकते हैं जैसे कि ब्रिटेन, यूक्रेन या नॉर्वे. चूंकि जो रक्षा उपकरण ये फंड खरीदेगा, वो उसके अपने होंगे, तो इन्हें खरीदने के लिए जो भी पैसा खर्च होगा, वो फंड के खातों में दर्ज होगा, ना कि किसी देश के राष्ट्रीय खातों में. यह फंड रक्षा उपकरणों के लिए एक यूरोपीय बाजार के विचार को भी आगे बढ़ाएगा ताकि कीमतें कम हों और संसाधन साझा रहें.

27 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ में रक्षा उपकरणों की खरीद और उनके उत्पादन की प्रक्रियाएं बहुत ही अलग-अलग हैं. इसी का नतीजा है कि यहां कम से कम सात अलग-अलग तरह के टैंक, नौ तरह की आर्टलरी गन और सात तरह के इंफैंट्री फाइटिंग वेहिकल पाए जाते हैं. इससे खर्च बढ़ता है और रक्षा उपकरणों को एक साथ इस्तेमाल करने में भी मुश्किलें आती हैं.

सरमेंतो ने कहा, "हमें नए तौर-तरीके कायम करने की संभावानाओं को तलाशना होगा, ताकि यूरोप की रक्षा क्षमता को पुख्ता और बेहतर बना सकें." यूरोपीय रक्षा फंड पर ब्रूगेल के पेपर में कहा गया है कि यूरोप के पास मौका है कि वह 2030 तक अमेरिका पर अपनी सैन्य निर्भरताओं को कम करे. लेकिन ऐसा तभी होगा कि वह रक्षा खरीद को ज्यादा से ज्यादा एक छतरी के नीचे ले आए और यूरोप का एक साझा रक्षा बाजार बनाए और ब्रिटेन को भी उसमें शामिल करे.

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