जरुरी जानकारी | एप्सिलॉन कार्बन का बैटरी सामग्री कारोबार में प्रवेश, 2025 तक निवेश करेगी भाष500 करोड़ रुपये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोलतार डेरिवेटिव कंपनी एप्सिलॉन कार्बन की अगले पांच साल में ग्रेफाइट एनोड विनिर्माण पर 500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है। ग्रेफाइट एनोड का उपयोग लीथियम आयन बैटरी बनाने में होता है।
मुंबई, 24 अगस्त कोलतार डेरिवेटिव कंपनी एप्सिलॉन कार्बन की अगले पांच साल में ग्रेफाइट एनोड विनिर्माण पर 500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है। ग्रेफाइट एनोड का उपयोग लीथियम आयन बैटरी बनाने में होता है।
कंपनी ने सोमवार को बैटरी सामग्री कारोबार में उतरने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए कंपनी एक नयी अनुषंगी ‘एन्सिलॉन एडवांस मैटेरियल्स’ बनाएगी।
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कंपनी के बयान के मुताबिक, ‘‘इस अनुषंगी बनाने का मकसद दुनियाभर में ऊर्जा भंडारण उपकरण और मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों के लिए सिंथेटिक ग्रेफाइट सामग्री का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता कनना है। कंपनी की योजना अगले पांच साल में 500 करोड़ रुपये निवेश की है। इससे कंपनी 2025 तक सालाना 50,000 टन एनोड सामग्री बनाने की क्षमता स्थापित करेगी।’’
कंपनी ने सालाना 5,000 टन की क्षमता वाला एक नया संयंत्र कर्नाटक में शुरू किया है। उसकी योजना 2021 में सालाना उत्पादन क्षमता को 15,000 टन और 2025 तक 50,000 टन पहुंचाने की है।
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कंपनी के प्रबंध निदेशक विक्रम हांडा ने कहा, ‘‘कोविड-19 ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सिद्धांत पर आधारित भारत की आर्थिक वृद्धि में सुधार के महत्व को सामने रखा है। देश में ई-वाहन नीति को भी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है जिसने देश को वैश्विक विकास की रफ्तार के साथ तालमेल बनाने को प्रोत्साहित किया है।’’
अभी दुनिया के कुल लिथियम आयन बैटरी उत्पादन के लिए 80 प्रतिशत ग्रेफाइट एनोड की मांग चीन पूरी करता है।
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