जरुरी जानकारी | ईपीएफओ ने पिछले दो वित्त वर्ष में 1.39 करोड़ अंशधारक जोड़े

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पिछले दो वित्त वर्ष में 1.39 करोड़ नये अंशधारक जोड़े।

नयी दिल्ली, 22 जून श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पिछले दो वित्त वर्ष में 1.39 करोड़ नये अंशधारक जोड़े।

मत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हाल में प्रकाशित ईपीएफओ से जुड़े वाले अंशधारकों का आंकड़ा बताता है कि जब से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सितंबर 2017 से पेरोल आंकड़ा ले रहा है, अंशधारकों की संख्या में वृद्धि की प्रवृत्ति है।

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इस रपट में 2018-19 और 2019-20 के लिये एकीकृत सालाना आंकड़े दिये गये हैं।

बयान के अनुसार वर्ष 2019-20 में ईपीएफओ के अंशधारकों में शुद्ध बृद्धि 78.58 लाख और इससे पिछले वित्त 2018-19 के दौरान 61.12 लाख रही। यह इस बात को दर्शाता है कि ईंपीएफओ से निकलने वालों की तुलना में जुड़ाने वालों की संख्या ज्यादा थी।

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मंत्रालय के अनुसार 2019-20 में ईपीएफ पर 8.5 प्रतिशत कर मुक्त ब्याज मिला जो अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मियादी जमाओं की तुलना में अधिक है। इससे 2019-20 में ईपीएफओ से निकलने वाले अंशधारकों की संख्या पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत कम रही।

नौकरी बदलने पर ईपीएफ खाता का बिना किसी समस्या के स्वत: स्थानांतरण से भी कई मामलों में सदस्यता बनाये रखने में मदद मिली है।

बयान के अनुसार 2019-20 में उम्रवार विश्लेषण देखा जाए तो 26 से 28, 29 से 35 और 35 से ऊपर आयु वर्ग के मामले में शुद्ध रूप से पंजीकरण में पिछले साल के मुकाबले 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

बयान में दावा किया गया है कि ऑनलाइन सेवा डिलिवरी में सुधार से कार्यबल अब ईपीएफओ की सेवा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

आंकड़े के अनुसार 2019-20 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुल पंजीकरण में महिला कामगारों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 22 प्रतिशत रही। यह बताता है कि संगठित क्षेत्र में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है।

बयान में कहा गया है कि 2018-19 और 2019-20 के दौरान 1.13 लाख नये प्रतिष्ठनों ने पहली बार ईपीएफ प्रावधानों का अनुपालन शुरू किया।

शुद्ध रूप से नये पंजीकरण के मामले में उद्योग के आधार पर देखा जाए तो अस्पताल और वित्तीय प्रतिष्ठानों में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा कारोबार एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, परिधान और साफ-सफाई से जुड़े प्रतिष्ठान में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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