कोच्चि, 14 अगस्त केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवायूर देवस्वओम प्रबंधन समिति और गुरुवायूर नगरपालिका को यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है कि जो लोग 21 अगस्त को गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में विवाह करना या विवाह का पंजीकरण कराना चाहते हैं, उन्हें कोई असुविधा न हो।
न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी. जी. अजितकुमार की पीठ ने यह निर्देश अदालत द्वारा दाखिल की गई याचिका पर दिया। अदालत ने यह याचिका मलयालम समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर दाखिल की थी। खबर में कहा गया था कि गुरुवायूर देवस्वओम ने गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में 21 अगस्त को विवाह के लिए बुकिंग की संख्या 200 तक पहुंच जाने के बाद बुकिंग रोक दी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवायूर देवस्वओम प्रबंधन समिति ने कहा कि जब 21 अगस्त के लिए ऑनलाइन बुकिंग की संख्या 200 पहुंच गई, तो बुकिंग बंद करने का निर्णय लिया गया।
समिति ने अदालत को बताया कि इसके बाद 'नादपंडाल' में दो अतिरिक्त 'कल्याण मंडपों' की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
समिति ने कहा इस निर्णय के आधार पर आठ अगस्त के बाद से ऑनलाइन बुकिंग स्वीकार की जा रही है।
गुरुवायूर नगरपालिका ने अदालत को बताया कि विवाह पंजीकरण के लिए कार्य दिवसों और अवकाश के दिन भी सुबह आठ से शाम छह बजे तक पर्याप्त संख्या में अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।
नगरपालिका ने कहा कि 21 अगस्त को होने वाले विवाहों की बुकिंग की संख्या को देखते हुए यदि आवश्यकता हुई तो वह उस दिन विवाह पंजीकरण के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात करेगा।
समिति और नगरपालिका की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है कि जो लोग 21 अगस्त को गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में विवाह करना या विवाह का पंजीकरण कराना चाहते हैं, उन्हें कोई असुविधा न हो।
इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निपटान कर दिया।
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