जरुरी जानकारी | जनवरी में अमेरिका को इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 18 प्रतिशत बढ़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इस साल जनवरी में भारत के अमेरिका को इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 1.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। हालांकि, देश के कुल इंजीनियरिंग निर्यात में मामूली 7.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंजीनियरिंग निर्यात संवर्द्धन परिषद (ईईपीसी) ने यह जानकारी दी है।

कोलकाता, पांच मार्च इस साल जनवरी में भारत के अमेरिका को इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 1.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। हालांकि, देश के कुल इंजीनियरिंग निर्यात में मामूली 7.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंजीनियरिंग निर्यात संवर्द्धन परिषद (ईईपीसी) ने यह जानकारी दी है।

यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की है, उन्हें ‘बहुत अनुचित’ करार देते हुए कहा है कि अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाने वाले देशों पर दो अप्रैल से जवाबी शुल्क लगाया जाएगा।

ईईपीसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान, अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात पिछले साल की इसी अवधि के 14.38 अरब डॉलर से लगभग नौ प्रतिशत बढ़कर 15.60 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निर्यात सालाना आधार पर 56 प्रतिशत बढ़कर 61 करोड़ डॉलर का हो गया, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह में यह 45 प्रतिशत बढ़कर 6.87 अरब डॉलर का हो गया।

इसने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद के बावजूद, भारत के इंजीनियरिंग निर्यात ने लगातार नौवें महीने सकारात्मक वृद्धि बनाए रखी है। हालांकि, जनवरी में वृद्धि की गति दिसंबर के 8.32 प्रतिशत से घटकर 7.44 प्रतिशत रह गई।

जनवरी, 2025 में कुल इंजीनियरिंग सामान निर्यात 9.42 अरब डॉलर का रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 8.77 अरब डॉलर का हुआ था।

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने भारतीय निर्यातकों के जुझारूपन को स्वीकार किया लेकिन चेतावनी दी कि विकसित वैश्विक व्यापार नीतियां व्यवसायों पर अभूतपूर्व दबाव बढ़ा रही हैं।

चड्ढा ने कहा, ‘‘हमारे कुछ प्रमुख निर्यात गंतव्यों द्वारा निरंतर संघर्षों और बढ़ते संरक्षणवाद के रूप में महत्वपूर्ण वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद इंजीनियरिंग निर्यात समुदाय सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने में कामयाब रहा है।’’

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत ईईपीसी इंडिया भारत से सोर्सिंग की सुविधा प्रदान करता है और एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम व्यवहार के समान अपने मानक को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह एमएसएमई को अपने व्यवसाय को वैश्विक मूल्य श्रृंखला के साथ एकीकृत करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।

चड्ढा ने आगाह किया कि नवीनतम अमेरिकी शुल्क आने वाले दिनों में निर्यातकों के समक्ष चुनौतियां पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्यात ऋण और प्रौद्योगिकी में निरंतर सरकारी समर्थन प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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