आठ करोड़ प्रवासियों को 15 जून से पहले मुफ्त अनाज वितरण कर दिये जाने की संभावना : केंद्र

   केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के खाद्य मंत्रियों के साथ बैठक में मौजूदा खाद्य कानून के तहत जरूरतमंदों को खाद्यान्न और दालों की आपूर्ति की स्थिति और कोरोना वायरस लॉकडाऊन से प्रभावित लोगों के लिए घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को लेकर स्थिति की समीक्षा की।

जियो

नयी दिल्ली, 22 मई केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दो महीने के लिए आठ करोड़ प्रवासियों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण का काम 15 जून से पहले पूरा होने की उम्मीद है। राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोई भी गरीब इस कोविड-19 संकट के दौरान भूखा न रहे।

   केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के खाद्य मंत्रियों के साथ बैठक में मौजूदा खाद्य कानून के तहत जरूरतमंदों को खाद्यान्न और दालों की आपूर्ति की स्थिति और कोरोना वायरस लॉकडाऊन से प्रभावित लोगों के लिए घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को लेकर स्थिति की समीक्षा की।

प्रवासियों को मुफ्त अनाज के वितरण के संबंध में, पासवान ने कहा कि हरियाणा और त्रिपुरा ने वितरण शुरू कर दिया है, और लगभग 17 राज्यों ने इस उद्देश्य के लिए केंद्रीय पूल से खाद्यान्न उठाया है।

एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘खाद्यान्न वितरण का काम 15 जून से पहले पूरा होने की उम्मीद है।’’

पासवान ने कहा, ‘‘राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को अग्रिम में लाभार्थियों की सूची प्रदान करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनसे अनुरोध किया जाता है कि वे 15 जुलाई, 2020 तक खाद्यान्न की वितरण रिपोर्ट भेजें।’’

उन्होंने कहा कि प्रवासियों को वितरण के लिए केंद्र ने राज्यों को लगभग 8 लाख टन गेहूं / चावल और 39,000 टन चना आवंटित किया है।

बैठक में, पूर्वोत्तर राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश, अंडमान निकोबार ने वायु, समुद्र और रेल मार्गों के माध्यम से इस संकट काल में खाद्यान्न की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र का आभार व्यक्त किया। अन्य राज्यों ने भी सहायता के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया।

​​पीएमजीकेएवाई के तहत दालों के वितरण के संबंध में, सरकार ने कहा कि 21 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों को अब तक 1.27 लाख टन दालों का वितरण किया गया है।

राज्य सरकारों ने 5.87 लाख टन की कुल आवश्यकता के मुकाबले अब तक 3.02 लाख टन दालें प्राप्त की हैं।

राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी पर, पासवान ने कहा कि अब तक 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 'एक देश एक राशन कार्ड' की पहल में शामिल हो गए हैं। तीन और राज्य - ओडिशा, नागालैंड और मिजोरम जून 2020 तक इस योजना से जुड़ेंगे और अगस्त 2020 तक उत्तराखंड, सिक्किम और मणिपुर ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म में शामिल हो जाएगा। कुल 23 राज्य / केंद्रशासित प्रदेश इस योजना का हिस्सा होंगे।

पासवान ने कहा कि सरकार योजना के तहत 31 मार्च 2021 तक सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को इसमें शामिल करने की योजना है।

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