देश की खबरें | कोविड-19 की पाबंदियों के बीच कश्मीर घाटी में सादगी से मनाई गई ईद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कश्मीर में शनिवार को ईद-उल-अजहा का जश्न कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर सादगी से मनाया गया। ज्यादातर लोगों ने छोटे समूहों में नमाज पढ़ी और सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया।
श्रीनगर, एक अगस्त कश्मीर में शनिवार को ईद-उल-अजहा का जश्न कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर सादगी से मनाया गया। ज्यादातर लोगों ने छोटे समूहों में नमाज पढ़ी और सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया।
अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर की प्रमुख मस्जिदों और दरगाहों में ईद की नमाज नहीं पढ़ी गई क्योंकि पुलिस ने श्रीनगर शहर समेत घाटी के ज्यादातर हिस्सों में सख्त पाबंदियां लगाई हुई है।
उन्होंने बताया कि लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए शहर में कई स्थानों पर कंटीले तार और अवरोधक लगाए गए।
उन्होंने बताया कि लोगों ने घरों में ही ईद की नमाज अदा की।
हालांकि शहरों के अंदरुनी हिस्सों में स्थित मस्जिदों में समूहों में ईद की नमाज पढ़ने की खबरें आयीं।
पुलिसकर्मियों ने सुबह-सुबह लाउडस्पीकरों पर घोषणा करते हुए लोगों से ईद की नमाज के लिए एकत्रित न होने की अपील की क्योंकि घाटी में अब भी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि बकरीद के मौके पर घाटी में विभिन्न स्थानों पर भेड़ों और बकरों की बलि दी गई।
उन्होंने बताया कि इस साल कोविड-19 के खतरे के कारण पिछले साल के मुकाबले कम पशुओं की बलि दी गई।
ईद के मौके पर फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, इमरान अंसारी और सज्जाद लोन जैसे प्रमुख नेताओं के घर पर सामान्य तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभेच्छुओं की कतार होती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।
कुछ नेताओं ने ट्विटर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘आप सभी को ईद मुबारक।’’
पीपुल्स कांफ्रेंस के प्रमुख लोन तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा ने भी ट्विटर पर लोगों को ईद की बधाइयां दीं।
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