देश की खबरें | केआईआईएफबी पर ईडी की जांच आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन : केरल के मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक ने बुधवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर विधानसभा चुनाव समीप देखकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के माध्यम से केरल अवसंरवचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) को नष्ट करने और राज्य का विकास अवरूद्ध करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
तिरुवनंतपुरम, तीन मार्च केरल के वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक ने बुधवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर विधानसभा चुनाव समीप देखकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के माध्यम से केरल अवसंरवचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) को नष्ट करने और राज्य का विकास अवरूद्ध करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री राजनीतिक मंशा से अपने अधीनस्थ (संस्थानों) का ‘दुरूपयोग’ कर रही हैं। सीतारमण ने हाल ही में केआईआईएफबी की आलोचना की थी।
केंद्र और सीतारमण पर इसाक के हमले से एक दिन पहल ईडी ने बोर्ड के दो अधिकारियों को उसके समक्ष पेश होने के लिए तलब किया था। इन अधिकारियों को ‘मसाला बांड’ के जरिए लिये गये बाहर से उधार लेने के सिलसिले में तलब किया गया।
इसाक ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव के समय पर बोर्ड के अधिकारियों को तलब करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है तथा यह कदम केंद्रीय वित्त मंत्री समेत लोगों द्वारा बोर्ड के विरूद्ध बड़ी साजिश के रूप में सामने आया है।
सीतारमण ने हाल ही में एर्णाकुलम की एक रैली में केरल के बजट निर्माण में बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाया था।
इसाक ने इस आरोप से इनकार किया कि मसाला बांड देश के विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून का उल्लंघन है । उन्होंने कहा कि इस कानून में ऋण देने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हैं एवं कोई भी कारपोरेट निकाय रिजर्व बैंक की मंजूरी से विदेश से उधार ले सकता है।
उन्हेांने आरोप लगाया कि एक भाजपा नेता के बेटे को बोर्ड के विरूद्ध जांच का जिम्मा दिया गया है और उनका भगवा दल की ओर से विभिन्न राज्यों में गैर भाजपा नेताओं के घरों पर छापा मारने का रिकार्ड रहा है।
प्रदेश माकपा के कार्यवाहक सचिव विजय राघव ने भी इस मुद्दे पर केंद्र की आलोचना की।
हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने ईडी स्वागत किया और आरोप लगाय कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने धोखाधड़ी वाले समूह की आड़ में राज्य में पांच साल तक शासन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ विजयन को केआईआईएफबी घोटाले को लेकर लोगों को जवाब देना चाहिए।’’
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