नयी दिल्ली, 19 मार्च सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले 10 साल में वर्तमान और पूर्व सांसदों एवं विधायकों सहित नेताओं के खिलाफ कुल 193 मामले दर्ज किए और उनमें से दो में दोषसिद्धि हुई।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संघीय धन शोधन निरोधक एजेंसी ने मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों सहित नेताओं के साथ-साथ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इसका राज्यवार आंकड़ा नहीं रखा जाता है।
चौधरी ने कहा कि अप्रैल 2015 से फरवरी 2025 के बीच ईडी ने इस श्रेणी के लोगों के खिलाफ 193 मामले दर्ज किए।
मंत्री ने कहा कि दो मामलों (2016-17 और 2019-20 में एक-एक) में दोषसिद्धि हुई और कोई भी बरी नहीं हुआ। उन्होंने अपने जवाब में मामलों या आरोपियों के नाम का उल्लेख नहीं किया।
हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, झारखंड के पूर्व मंत्री हरि नारायण राय को 2017 में धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत सात साल के कठोर कारावास और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। झारखंड के ही एक अन्य पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 2020 में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी और दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
आंकड़ों के मुताबिक, ईडी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान पूर्व और मौजूदा नेताओं के खिलाफ सबसे ज्यादा 32 मामले दर्ज किए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY