देश की खबरें | अंबाला जेल में बंद एम3एम निदेशकों से पूछताछ के लिए ईडी ने पंचकूला अदालत का रुख किया

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नयी दिल्ली, 18 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के पंचकूला में एक विशेष न्यायाधीश के समक्ष दो आवेदन दाखिल करके धनशोधन के एक मामले में अंबाला केंद्रीय कारागार में बंद रियल्टी कंपनी एम3एम के तीन निदेशकों से पूछताछ करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

ईडी का गुड़गांव स्थित जोनल कार्यालय तीन निदेशकों और प्रवर्तकों (रूप कुमार बंसल, बसंत बंसल और पंकज बंसल) के अलावा एक दूसरी रियल्टी फर्म आईआरईओ ग्रुप के मालिक ललित गोयल और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक मामले की जांच कर रहा है।

विशेष न्यायाधीश के समक्ष अपने पहले आवेदन में ईडी ने एक न्यायाधीश से लाभ पाने के लिए कथित तौर पर उन्हें रिश्वत की पेशकश करने से संबंधित मामले में तीन निदेशकों में से एक रूप कुमार बंसल से पूछताछ करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

ईडी ने अपने दूसरे आवेदन में कथित धोखाधड़ी और जमीन, भूखंड तथा फ्लैट की खरीद के नाम पर अपने ग्राहकों और निवेशकों को धोखा देने के एक मामले में अन्य दो निदेशकों (बसंत बंसल और पंकज बंसल) से पूछताछ करने का अनुरोध किया है।

ईडी ने कहा, ‘‘इस मामले की जांच से खुलासा हुआ कि आईआरईओ समूह ने एम3एम समूह की कंपनियों के जरिये 404 करोड़ रुपये दूसरे उद्देश्यों से खर्च किये । एम3एम समूह में बसंत बंसल, पंकज बंसल और अन्य लोग निदेशक/तत्कालीन निदेशक/प्रवर्तक/प्रबंधन से जुड़े अहम व्यक्ति थे।’’

जांच एजेंसी ने कहा कि 404 करोड़ रुपये का लेन-देन/डायवर्जन कई स्तरों पर मुखौटा कंपनियों के जरिये किया गया जिनके स्वतंत्र कंपनी होने का दावा किया गया था, लेकिन जांच से पता चला कि उनमें से सभी कंपनी का संबंध एम3एम समूह से था।

ईडी की जांच से पता चला कि लेन-देन का कथित कारण एक भूमि पर विकास अधिकारों की बिक्री थी जिसका मूल्य केवल चार करोड़ रुपये पाया गया। लेकिन इसके लिए पांच मुखौटा कंपनियों और फिर चार अन्य मुखौटा कंपनियों (सभी एम3एम समूह से जुड़ीं) द्वारा आईआरईओ समूह की 10 कंपनियों से 404 करोड़ रुपये प्राप्त किये गये।

जांच एजेंसी ने कहा कि ये ही विकास अधिकार इन पांच मुखौटा कंपनियों द्वारा 10 करोड़ रुपये में मिस्टी मीडोज प्राइवेट लिमिटेड (एम3एम समूह की कंपनियों में से एक) से खरीदे गये।

ईडी ने आगे आरोप लगाया कि जांच के दौरान पता चला कि इन तीन निदेशकों ने एक-दूसरे और अन्य लोगों के साथ सांठगांठ करके तत्कालीन ईडी न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश, सीबीआई अदालत, पंचकूला) सुधीर परमार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रिश्वत दी ताकि अदालत में अपने खिलाफ चल रहे मामले में अनुचित लाभ हासिल कर सकें।

रूप कुमार को आठ जून, 2023 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो अन्य निदेशकों को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। तीनों अभी न्यायिक हिरासत में जेले में हैं।

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