देश की खबरें | झारखंड चिटफंड घोटाला जांच में ईडी ने आरोपपत्र दाखिल किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड में करोड़ों रूपये के कथित चिटफंड घोटाले के सिलसिले में धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, आठ जून झारखंड में करोड़ों रूपये के कथित चिटफंड घोटाले के सिलसिले में धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उसने एक बयान में कहा कि धनशोधन रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन की शिकायत में मुख्य कंपनी डीजेएन कोमोडिटीज समेत आठ आरोपी नामजद किये गये हैं। उसने कहा कि रांची की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को आरोपपत्र का संज्ञान लिया।

ईडी के अनुसार झारखंड पुलिस की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद डीजेएन कोमोडिटीज और उसके स्वामित्वों -- दिवंगत जितेंद्र मोहन सिन्हा और विशाल कुमार सिन्हा पर मामला दर्ज किया गया है। उनपर (आरोपियों पर) आरोप है उन्होंने प्रति माह तीन-चाह प्रतिशत का ‘आकर्षक’ रिटर्न का आश्वासन देकर ‘निर्दोष’ लोगों से चिटफंड कंपनी (डीजेएन कोमोडिटीज) में निवेश करवाया और उन्हें चूना लगाया। झारखंड पुलिस ने भादंसं की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।

जांच में पाया गया कि ‘‘विशाल कुमार सिन्हा ने दिवंगत जितेंद्र मोहन सिन्हा, प्रशांत कुमार, इवातुरी संतोष, विवेक सिन्हा, आनंन मोहन सिन्हा एवं बिपिन कुमार के साथ आपराधिक साजिश रचकर झारखंड, बिहार,ओडिशा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और असम में डीजेएन कोमोडिटीज की 43 शाखाएं खोलीं एवं इस की सूचना मल्टी कोमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड(एमसीएक्स) को नहीं दी।

उसने आरोप लगाया, ‘‘ अपराध से हुई कमाई की हेराफेरी के लिए आरोपियों, अन्य कंपनियों/फर्मों के नाम पर 68 बैंक खाते खोले गये।’’

ईडी के मुताबिक प्रवर्तकों ने इन बैंक खातों में निवेशकों की धनराशि हासिल की तथा उसे डीजेएन ग्रुप से संबद्ध अन्य कंपनियों /फर्मों में अंतरित कर बाद में उसका निजी लाभ में उपयोग किया।

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