मुंबई, 15 मार्च प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबई में प्रवासियों को 'खिचड़ी' के वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी सूरज चव्हाण के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया।
यह आरोप-पत्र धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों के विशेष न्यायाधीश एम.जी. देशपांडे के समक्ष दायर किया गया था। आरोप-पत्र का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सका है।
चव्हाण को इस साल 17 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
धनशोधन का मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी पर आधारित है। जांच एजेंसी के अनुसार, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कोरोना महामारी के दौरान प्रवासियों के बीच 'खिचड़ी' के पैकेट के वितरण के लिए ‘फोर्स वन मल्टी सर्विसेज’ के बैंक खाते में 8.64 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए।
जांच एजेंसी के अनुसार, ‘फोर्स वन मल्टी सर्विसेज’ ने अपराध से 3.64 करोड़ रुपये की कमाई अर्जित की, जिसमें से 1.25 करोड़ रुपये चव्हाण के निजी बैंक खाते में और 10 लाख रुपये उनकी साझेदारी वाली कंपनी ‘फायर फाइटर्स एंटरप्राइजेज’ के बैंक खाते में भेज दिए गए।
इस तरह, चव्हाण ने गलत तरीके से अपराध की कमाई अर्जित की। ईडी ने कहा है कि 1.35 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उन्होंने संपत्ति खरीदने और डेयरी व्यवसाय में निवेश के लिए किया।
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