देश की खबरें | अभियान शुरू करना नगर निकायों का कर्तव्य, मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए नियमित कार्रवाई करें: उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए दैनिक आधार पर अभियान और कार्रवाई शुरू करना नगर निकायों का कर्तव्य है। अदालत ने कहा कि इसे विशेष महीनों के दौरान कदम उठाकर नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
नयी दिल्ली, 14 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए दैनिक आधार पर अभियान और कार्रवाई शुरू करना नगर निकायों का कर्तव्य है। अदालत ने कहा कि इसे विशेष महीनों के दौरान कदम उठाकर नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि शहर में जिन स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप अधिक है, उन्हें भी नगर निगम और स्थानीय निकायों द्वारा पहचाना जाना चाहिए और इन क्षेत्रों में इस मुद्दे से निपटने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
न्यायालय ने कहा कि हालांकि मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू मानसून के मौसम में बढ़ते हैं और ऐसे अन्य कारक भी हैं जो इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें घरों में एकत्र कचरा, इस्तेमाल किए गए टायर, टैंक आदि हैं जिनमें बारिश का पानी एकत्र हो जाता है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘यह नगर निकायों के लिए अभियान शुरू करने और दैनिक आधार पर कदम उठाने के लिए है क्योंकि विशेष महीनों के दौरान कदम उठाकर खतरे को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। इसी तरह खुले नाले भी मच्छरों के प्रकोप का एक कारण हैं। नालों को साल भर ढका जाना चाहिए और इस तरह के कार्य को केवल विशेष महीनों के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है। कार्यबल को भी 21 जनवरी की बैठक में इस पहलू से निपटना चाहिए और एक सामान्य प्रोटोकॉल बनाना चाहिए।’’
उच्च न्यायालय ने 24 दिसंबर, 2021 को निर्देश दिया था कि पूर्व, दक्षिण और उत्तरी एमसीडी, दिल्ली छावनी बोर्ड और नई दिल्ली नगर परिषद सहित प्रत्येक स्थानीय निकाय मच्छरों के प्रजनन की निगरानी और नियंत्रण के लिए संबंधित आयुक्तों की अध्यक्षता में कार्यबल का गठन करेगा।
शुक्रवार को बताया गया कि मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग कार्यबल का गठन किया गया है और पहली बैठक चार जनवरी को हुई है, जबकि अगली बैठक 21 जनवरी को निर्धारित है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि चार फरवरी तय की।
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