विदेश की खबरें | सपने का ऐसा हश्र होगा, सोचा नहीं था : भारतीय अमेरिकी सिख की विधवा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका), आठ अक्टूबर अमेरिका में बुधवार शाम को मारे गए भारतीय मूल के सिख परिवार के चार सदस्यों में से एक व्यक्ति की दुखी पत्नी ने कहा, ‘‘यह अमेरिका में हमारे सपनों के गलत साबित होने की कहानी है’’।

गौरतलब है कि बुधवार शाम को आठ माह की बच्ची आरुही धेरी, उसकी मां जसलीन कौर (27), पिता जसदीप सिंह (36) और जसदीप के भाई अमनदीप सिंह (39) के शव इंडियाना रोड एंड हचिनसन रोड के पास एक बगीचे से बरामद हुए थे। इन चारों का सोमवार को अपहरण किया गया था।

मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के हरसी पिंड के रहने वाले परिवार का कैलिफोर्निया के मर्सेड काउंटी शहर में उनके कारोबारी प्रतिष्ठान से अपहरण किया गया था। इसकी जानकारी वीडियो फुटेज से प्राप्त हुई।

अमनदीप की विधवा, जसप्रीत कौर ने एक ‘गो फंड मी’ अनुदान संचय (फंडरेजर) में कहा कि उनके पति और उनके भाई बीते 18 साल से अमेरिका में रह रहे थे। उन्होंने न केवल कैलिफोर्निया में अपने परिवार बल्कि भारत में अपने बुजुर्ग माता-पिता को भी संभाला हुआ था।

परिवार के ‘गो फंड मी’ पृष्ठ पर उन्होंने लिखा, ‘‘यह अमेरिका में हमारे सपनों के गलत साबित होने की कहानी है’’। ‘‘तीन अक्टूबर को हमारे परिवार को हिंसक रूप से हमसे छीन लिया गया’’।

कौर ने कहा कि उनके पति रोज़ाना स्थानीय खाद्य बैंक में भोजन दान किया करते थे और स्थानीय गुरुद्वारे में हर रविवार सेवा करने जाते थे। उनकी नौ साल की बेटी और आठ साल का बेटा है।

परिवार के ‘गो फंड मी’ पृष्ठ पर की गई अपील के अनुसार, दोनों भाई ‘‘परिवार में आय का एकमात्र स्रोत थे और भारत में अपने बुजुर्ग माता-पिता का भी ख्याल रखते थे’’।

जसप्रीत ने इस अनुदान संचय का आयोजन किया है।

हालांकि, सिख परिवार की हत्या के संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अधिकारियों और एक रिश्तेदार ने बताया कि स‍ंदिग्ध व्यक्ति पहले उस परिवार के लिए ही काम करता था। इस परिवार के साथ उसका पुराना विवाद था जिसकी परिणति इस हत्याकांड के रूप में सामने आई है।

मर्सेड काउंटी शेरिफ के प्रवक्ता एलेक्संड्रास ब्रिट्टन ने बताया कि मामले में 48 वर्षीय जीसस मैनुअल सालगाडो को औपचारिक रूप से बृहस्पतिवार देर रात अपहरण के चार मामलों में गिरफ्तार किया गया।

मर्सिड शहर में छह से नौ अक्टूबर तक हर रोज़ शाम सात बजे परिवार को मोमबत्ती जला कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।

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